2013 में डायरेक्टर सुभाष कपूर की एक फिल्म आई थी. नाम था JOLLY LLB. अरशद वारसी इस फिल्म में वकील के किरदार में थे. एक ऐसा वकील जो फुटपाथ पर सोते समय गाड़ी से कुचले गए कुछ गरीबों का “हिट एंड रन” केस लड़ता है.
फिल्म से इतर बॉलीवुड स्टार सलमान खान का नाम भी एक हिट एण्ड रन केस सुर्खियों में आया था. हिट एंड रन एक बार फिर देश में मुद्दा बना हुआ है.

दरअसल IPC को भारतीय न्याय संहिता का नाम देते हुए सरकार ने कुछ कानूनों में बदलाव किए हैं. इसी के तहत हिट एंड रन केस में भी सरकार ने कुछ नए और कड़े प्रावधान किए हैं. सरकार का इरादा नेक था. लेकिन इसी चक्कर में बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है. देश भर के ट्रांसपोर्टर्स, ट्रक व टैक्सी ड्राइवर्स नए क़ानून के विरोध में खड़े हो गए हैं. क्या है वजह?
चलिए आपको आज आसान भाषा में समझाते हैं नया क़ानून क्या है और इसका विरोध क्यों हो रहा है.

सबसे पहले जानते हैं हिट एंड रन होता क्या है. मान लो गाड़ी से किसी व्यक्ति का एक्सीडेंट हो जाता है. ऐसे केस में अक्सर देखा जाता है की जिस गाड़ी, से एक्सीडेंट हुआ उसका ड्राइवर फ़रार हो जाता है. अक्सर सजा से बचने के लिए या डर के कारण. इसी को अंग्रेज़ी में कहते हैं, हिट एंड रन केस. .आंकड़ों की बात करें तो साल 2022 में भारत में कुल 1 लाख 68 हजार से अधिक मौतें रोड एक्सीडेंट में हुईं. यानि हर 3 मिनट में एक मौत. इसमें से एक चौथाई से अधिक मौतें हिट एंड रन जैसे मामलों की थीं.हिट एंड रन केसेज़ के लिए लम्बे समय से क़ानून है.
पहले ये समझते हैं कि हिट एंड रन के मामलों में पहले क्या होता था. IPC के तहत तरह के मामलों के लिए आईपीसी की धारा 279- लापरवाही से वाहन चलाना, 304A- लापरवाही के कारण मौत और धारा 338 जो कि जान जोखिम में डालना. इन धाराओं में केस दर्ज किया जाता था. ज्सिमें 2 साल की सजा का प्रावधान था.
अब अगर ऐसा कोई केस हो, जिसमें ये जाहिर हो कि जान लेने के इरादे से गाड़ी चढ़ाई गई या टक्कर मारी गई है, तो इन मामलों में IPC की धारा 302 लगती थी. अब बात नए क़ानून यानी भारतीय न्याय संहिता की.
नए कानून में 2 साल कि सजा बढ़कर 7 साल हो गई है. इसके अलावा अगर ड्राइवर मौके पर से भाग जाता है तो नए कानून के सेक्शन 104(2) के तहत उसे 10 लाख रुपये का जुर्माना और 7 साल की जेल हो सकती है. एक्सीडेंट होने कि स्थिति में ड्राइवर को मौके पर मौजूद रहना होगा. अगर मौके पर मौजूद नहीं तो कम से कम मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना देनी होगी.
नए कानून में ये जो ड्राइवर को मौके पर मौजूद रहने की बात कही गई है. इसी को लेकर ट्रक ड्राइवर्स में रोष है. उनका तर्क है कि अगर एक्सीडेंट होने के बाद वो मौके पर रुकेंगे तो भीड़ द्वारा उनके मारे जाने का खतरा है. ये बात भी किसी से छिपी नहीं है कि कई मामलों में ऐसी मॉब लिंचिंग की घटनाएं भी देखने को मिली हैं जिनमें एक्सीडेंट के बाद जिस गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ है उसके चालक को पीट-पीटकर मार डाला गया. चाहे फिर एक्सीडेंट ड्राइवर की गलती से हुआ हो, या चालक की. ऐसे में ड्राइवर्स की मांग है की मौके पर मौजूद रहना, उनकी जान को खतरे में डाल सकता है.
नए क़ानून के बारे में कुछ और बातें जानिए.
नया कानून कमर्शियल और निजी वाहनों पर पर समान रूप से लागू होगा. मतलब ट्रक से लेकर बस, कार से लेकर बाइक, छोटे बड़े हर वाहन और इसके चालक इसके दायरे में आएंगे. अब यहां एक सवाल खड़ा होता है कि अगर पहले से सजा का प्रावधान था, तो इस बदलाव की जरुरत क्यों पड़ी.
नए कानूनों में एक प्रावधान और है. अगर गाड़ी से टकराने वाला शख्स गलत तरीके से सड़क पार करते हुए या गलत तरीके से गाड़ी के सामने आ जाता है तो ड्राइवर को अधिकतम पाँच साल की सजा होगी. साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ेगा. लेकिन अगर गलत ढंग से गाड़ी चलाने पर टक्कर होती है तो नए लॉ के मुताबिक ड्राइवर को 10 साल की जेल होगी. कानून, सजा और जुर्माना समझ लिया. अब एक और जरूरी बात.
मुमकिन है कि अगर आपकी गाड़ी से एक्सीडेंट हुआ है तो गलती भी आपकी ही हो. हो सकता है जिसे टक्कर लगी है वो व्यक्ति किसी अन्य कारणवश नशे में या जानबूझकर गाड़ी के सामने आया हो. तो ऐसे में क्या होगा? क्या ऐसे केस को भी अन्य मामलों कि तरह ट्रीट किया जाएगा?
कानून को लेकर जिनमें सबसे अधिक रोष है वो हैं देश के ट्रक ड्राइवर्स और कमर्शियल वाहन संचालक. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बंगाल यदि राज्यों में बड़े पैमाने पर ट्रक संचालकों ने नए हिट एंड रन कानून के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है. महाराष्ट्र में ट्रक ड्राइवर्स ने ‘रास्ता रोको’ आंदोलन शुरू किया है. ट्रक ड्राइवर्स के प्रोटेस्ट कि वजह से महाराष्ट्र में फ्यूल सप्लाइ बाधित हो रही है. साथ ही ठाणे के मीरा भायंदर में पुलिस पर पथराव भी घटना सामने आई है. छत्तीसगढ़ में मौजूद 12000 प्राइवेट बस संचालकों ने हड़ताल का ऐलान किया है. पेट्रोल पंपो पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है. लोगों में डर है कि अगर हड़ताल लंबी चली तो पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है. यही हाल मध्य प्रदेश और बंगाल में भी है.
लोगों की मांग है कानून में बदलाव किया जाए. इस मामले में सरकार क्या करेगी, ये अभी आगे देखना है,
- भीम ने की शिवलिंग की स्थापना तो अर्जुन ने बाण चलाकर बनाया झरना, यहां है प्रकृति और इतिहास का संगम… - April 26, 2026
- थायराइड और फैमिली हिस्ट्री: जेनेटिक रिस्क, शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके जानें डॉक्टर से - April 26, 2026
- 2 कप मूंग दाल में पनीर और पुदीना डालकर बनाएं स्वादिष्ट Moong Dal Paneer Pudina Chilla, नाश्ते के लिए है परफेक्ट रेसिपी… - April 26, 2026
