खरगोन जिले के आदिवासी इलाकों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल नजर आ रही है। इसका ताजा और जीता जागता उदाहरण खरगोन जिले के झिरन्या तहसील के आदिवासी ग्राम चोपाली में देखने को मिला। जहां बुधवार की देर शाम को 108 एंबुलेंस और निशुल्क जननी एक्सप्रेस का वाहन नहीं मिलने के बाद मजबूरी में दर्द से कराह रही एक आदिवासी गर्भवती महिला को उसके परिजन करीब 5 से 6 किलोमीटर की दूरी तय कर बैलगाड़ी में लेटाकर डिलेवरी कराने के लिए हेलापड़ाव स्थित स्वास्थ केंद्र लेकर पहुंचे।

इस दौरान बेलगाड़ी से ले जाने में परिजनो को करीब दो घंटे से भी अधिक का समय लग गया। अगर रास्ते में गर्भवती महिला की तबीयत खराब हो जाती तो आसपास कोई भी स्वास्थ सेवा नही मिल पाती जिससे गर्भवती महिला की जान पर बन जाती। वायरल वीडियो में आदिवासी गर्भवती महिला के परिजन कहते दिखाई दे रहे है कि उनके द्वारा 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस वाहन के लिए मोबाईल लगाया था लेकिन वाहन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। जिसके बाद मजबूरी में प्रसूता को बैलगाड़ी में लिटा कर अस्पताल ले जाना पड़ा।

