छिंदवाड़ा: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में किडनी फेलियर से प्रभावित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार अब तक इस बीमारी के कारण 15 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, 8 बच्चे जिनकी हालत गंभीर है, उनका नागपुर में इलाज जारी है।

दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ एक्शन

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में इस कफ सिरप के कारण हुई बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने एक्शन लिया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने डॉक्टर प्रवीण सोनी को छिंदवाड़ा के परासिया से गिरफ्तार किया है। डॉक्टर प्रवीण सोनी परासिया के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ हैं। सर्दी और बुखार से पीड़ित बच्चों के की दवाइयों में उन्होंने कोल्ड्रिफ कफ सिरप पिलाने का सुझाव दिया था। इसी कफ सिरप के सेवन के बाद कई बच्चे बीमार गंभीर रूप से बीमार हो गए और उनकी मौत हो गई।
सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकॉल के पुष्टि
बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार को तमिलनाडु औषधि नियंत्रण विभाग से शनिवार को एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया कि जांच में जो सैंपल भेजा गया था, वह मिलावटी था। इस सिरप में 48.6 प्रतिशत डाइएथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया है। बताया जाता है कि एंटी-फ्रीज और ब्रेक फ्लूइड्स में इस्तेमाल होने वाला डीईजी, निगलने पर किडनी फेल होने से मौत होने का खतरा बना रहता है।
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