छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि पति द्वारा अपनी शिक्षिका पत्नी के सामने अपने छात्रों के सामने गंदी भाषा में दुर्व्यवहार करने से न केवल समाज में उसकी छवि खराब होगी, बल्कि यह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मानसिक क्रूरता भी होगी.

खंडपीठ ने क्रूरता के आधार पर अपने पति से तलाक की मांग करने वाली एक महिला की याचिका को स्वीकार कर लिया.
पीठ ने टिप्पणी की, “जबकि पत्नी नौकरी करती थी और कभी-कभी देर से घर आती थी, आरोप है कि पति करता था पत्नी के चरित्र पर हनन आरोप है कि जब पत्नी अपने घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी. पति द्वारा पत्नी के चरित्र के बारे में गंदी-गंदी गालियां बोलने से स्वाभाविक रूप से समाज में विशेषकर विद्यार्थियों के सामने पत्नी की छवि धूमिल होगी और कम उम्र में ही उनमें शिक्षक के प्रति सम्मान कम हो जाएगा.”
Latest posts by जगन्नाथ बैरागी (see all)
- न्योता भोज की आड़ में ‘दाग’ धोने की नाकाम कोशिश…चाँटीपाली स्कूल में गैर-हाजिरी पर घिरे प्रबंधन का ‘इवेंट मैनेजमेंट’ बेनकाब!तब सवालों से भागे संकुल समन्वयक और प्रधान पाठक ने साधी थी चुप्पी, अब प्रायोजित मंच सजाकर कैमरे के सामने परोस रहे सफाई.. - September 24, 2026
- गढ़चौक से प्रतापगंज तक नाली निर्माण में भारी धांधली का आरोप…मानकों को ताक पर रखकर हो रहा है ‘कागज’ पर विकास, जनता में आक्रोश! - September 23, 2026
- 50 सीटर छात्रावास में मिले सिर्फ 19 छात्राएं…मीनू से गायब भोजन और बंद कमरे में साइकिलें!..विधायक के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप… - September 23, 2026
