छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि पति द्वारा अपनी शिक्षिका पत्नी के सामने अपने छात्रों के सामने गंदी भाषा में दुर्व्यवहार करने से न केवल समाज में उसकी छवि खराब होगी, बल्कि यह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मानसिक क्रूरता भी होगी.

खंडपीठ ने क्रूरता के आधार पर अपने पति से तलाक की मांग करने वाली एक महिला की याचिका को स्वीकार कर लिया.
पीठ ने टिप्पणी की, “जबकि पत्नी नौकरी करती थी और कभी-कभी देर से घर आती थी, आरोप है कि पति करता था पत्नी के चरित्र पर हनन आरोप है कि जब पत्नी अपने घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगी. पति द्वारा पत्नी के चरित्र के बारे में गंदी-गंदी गालियां बोलने से स्वाभाविक रूप से समाज में विशेषकर विद्यार्थियों के सामने पत्नी की छवि धूमिल होगी और कम उम्र में ही उनमें शिक्षक के प्रति सम्मान कम हो जाएगा.”
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