सारंगढ़: सारंगढ़ जिला बनते ही राजनैतिक गलियारों मे जिला कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर तमाम तरह की बयानबाजी आये दिन देखने मिल रही हैँ। कोई अपने गुट के नेता को प्रमोट कर रहा है तो कोई अपने चहेतों को कांग्रेस जिलाध्यक्ष बनते देखना चाह रहे हैँ। वैसे तो वर्तमान मे संगठन के पास कई दावेदार और बड़े चेहरे मौजूद हैँ लेकिन, इन सबसे बेफिक्र एक व्यक्ति कभी किसी ग्रामीण के निमंत्रण मे उसके घर जाकर उसके सुख मे सम्मिलित हो रहा है,


तो कभी किसी के दशकर्म मे जाकर मृतक परिवार को संबल प्रदान कर रहा है, कभी युवाओं के मध्य जाकर जोश का संचार कर रहा है, तो कभी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर अगामी चुनाव की रणनीति तैयार करने मे लगा है, तो यदा – कदा कभी आपसी मनमुटाव की खाई को पाटने मे एड़ी छोटी का जोर लगाकर अपने शब्दों के मरहम से घाव भरने मे लगा है उस मस्तमौला को लोग अरुण मालाकार के नाम से जानते हैँ।

सारंगढ़ के साथ रायगढ़ मे अरुण मालाकार की छवि एक ऐसे जन नेता और गेम मेकर की है जिसकी दबी जुबान से विपक्षी भी तारीफ करने मे नही चूकते! और हो भी क्यों ना जब छत्तीसगढ़ मे 15 साल से सत्ता से दूर रहने के बावजूद अपने रात दिन मेहनत और संगठन क्षमता से नेताओं और कार्यकर्ताओ के बीच सामंजस्य स्थापित करना और जनता को भाजपा के मोह से खींचकर कांग्रेस के प्रति जुड़ाव करना कोई रातो रात नही हुआ है, इसके पीछे पब्लिक का विश्वास और प्यार के मायने बहुत हैँ।
आंकड़े बयां करते है संघर्ष और सफलता की कहानी –
जिस तरह कोई वृक्ष पेड़ लगाते ही फल नही देता लेकिन अगर माली अच्छा हो और वो पौधों की अच्छी देखभाल करे तो एक दिन निश्चित फल प्रदान करता है कुछ ऐसा भी कांग्रेस के मालकार के साथ हुआ।
भाजपा के बहाव के बीच अपने लीडर, कार्यकर्ताओं और आम जनता को जोड़कर उनके उत्साह और विश्वास को बनाये रखकर कांग्रेस के प्रति सकारात्मक दृश्टिकोण बनाये रखा जिसका परिणाम आज सबके सामने है, और उस पके फल को खाने की चाह सभी रख रहे हैँ।

विधानसभा मे कांग्रेस की सुनामी जीत, जिला पंचायत चुनाव मे जीत, 08 जनपद पंचायत मे कांग्रेस का परचम, 02 नगरपालिका मे विजय पताका अरुण मालाकार के संघर्षों का ही परिणाम है। ये सब आंकड़े चीख चीख कर अरुण मालाकार को अन्य नेताओं से अग्रिम पंक्ति मे स्थान देते हैँ।
बीजेपी के गढ़ मे दबंगई के साथ लहराया कांग्रेस का ध्वज –
आज के जमाने मे जहाँ मन्नते पुरी ना हो तो लोग खुदा बदल देते हैँ उस दौर मे अगर किसी पार्टी का 15 साल तक सरकार ना रहे तो वहां बड़े से बड़े दिग्गजों का मन डोलने लगता है। आज कांग्रेस जिला मे सबसे बड़ी और मजबूत पार्टी नजर आ रही है, वहीं एख दौर ऐसा भी आया था जब लोग कांग्रेस छोड़कर बीजेपी मे जॉइन करना चाहते थे, कई गये भी लेकिन अरुण मालाकार उस तूफ़ान मे भी अपने संगठन को मजबूत बनाये रखे जिसका भान प्रदेश के वरिष्ठ लीडरों को भी है।
सारंगढ़ जिले मे राजनीति के सबसे बड़े कलाकार –
अरुण वर्तमान मे राजनीति के सबसे बड़े कलाकार हैँ, सारंगढ़ विधायक से लेकर नगरपालिका अध्यक्ष तक, 25 जनपद सदस्य, 11 पार्षद कांग्रेस के हैँ। भाभी मंजू मालाकार 02 बार जीत हासिल की हैँ, इस बार अरुण मलाकर के सामने तो विपक्षी भी टिक नही पाये! जिसका जीता जागता प्रमाण कांग्रेस के 03 बीडीसी का निर्विरोध जनपद सदस्य बनना है, इसमे अरुण मालाकार का क्या रोल है किसी से छिपी नही है।
विरोधियों के सबसे बड़े कांटे –
विरोधी चाहे विपक्षी दल हो या खुद के पार्टी के सभी के रास्ते मे सबसे बड़े कांटे या कांग्रेस के ढाल सिर्फ अरुण मालाकार हैँ। सारंगढ़ मे हर चुनाव से पहले ये गुट किसी तरह से इस ढाल को हटाना चाहते हैँ लेकिन उसके विपरीत अरुण की छवि और मजबूत होते जाती है, और कुछ लोगों को तो संगठन विरोधी कार्य करने के परिणाम स्वरूप पार्टी से निलंबित किया जा चुका है फिर भी संगठन के प्रति अनर्गल बयानबाज़ी से बाज नही आ रहे हैँ। फिलहाल सारंगढ़ की जनता और कार्यकर्तागण आलाकमान के आदेश पर निगाहें गढ़ाये बैठी हैँ, कारकर्ताओं को पूर्णतः विश्वास है कि अरुण मलाकार के जिला नेतृत्व मे फिर से रायगढ़ की भांति नवीन सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला मे भी विधानसभा चुनाव मे इतिहास बनाते हुए विजयश्री प्राप्त करेंगे।

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