छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के कामकाज की गति और स्थिति कितनी बदहाल है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बजट मिलने के बाद भी 18 हजार पांच सौ करोड़ से अधिक का उपयोग नहीं हुआ।
विभागों ने ये राशि वापस लौटा दी है। नियंत्रक महालेखा परीक्षक की वर्ष 2022 के लिए जारी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विभागों ने 96 फीसदी से अधिक 17 हजार 939 करोड़ की राशि अकेले मार्च महीने में लौटाई है। रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ शासन ने इस वित्तीय वर्ष के दौरान 4 हजार 697 करोड़ रूपए का ब्याज भी चुकाया है।
सरकार ने बिजली बिल हाफ समेत अलग अलग योजनाओं में सब्सिडी तो दे दी है, लेकिन उसकी राशि बिजली कंपनी को नहीं चुकाई है। रिपोर्ट के मुताबिक बिजली उत्पादन कंपनी का राज्य शासन पर 4 हजार करोड़ से अधिक बकाया है।

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