रायपुर। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांच में की गई लापरवाही को देखते हुए 10वीं की उत्तर पुस्तिका जांचने वाले 7 शिक्षकों पर बैन लगा दिया है। माशिमं (माध्यमिक शिक्षा मंडल) ने शिक्षकों को पारिश्रमिक कार्यों से वंचित कर दिया है। इन शिक्षकों को 31 मई 2026 तक के लिए वंचित किया गया। शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने की भी अनुशंसा जताई जा रही है। शिक्षकों द्वारा जांची गई कॉपियों में अंको में बढ़ोत्तरी और मूल्यांकन करने पर 50 से अधिक अंकों की बढ़ोतरी करने पर माशिमं ने बैन करने का निर्णय लिया।

दरअसल, 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिका जांच में की गई लापरवाही को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 100 से ज्यादा शिक्षकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। वहीं कुछ को हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही शिक्षकों की एक साल की वेतन वृद्धि भी रोक दी गई है।माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव व्ही. के. गोयल ने बताया कि लापरवाही करने वाले 101 शिक्षकों को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।

रीवैल्यूएशन में 20-40 अंक बढ़ने पर 12वीं के 51 और 10वीं के 30 शिक्षकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। वहीं 41-49 अंक बढ़ने पर 12वीं के 2 और 10वीं के 8 शिक्षकों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। 50 से ऊपर अंक बढ़ने पर 12वीं के 3 और 10वीं के 7 शिक्षकों को हमेशा के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही इन शिक्षकों का एक साल का वेतन वृद्धि भी रोका गया है।
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