अवैध प्लाटिंग के मामले को लेकर कलेक्टर से की गई शिकायत…
सारंगढ़/विक्रय निरस्त करने की मांग को लेकर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के कलेक्टर से की गई शिकायत। नगर के नगर पालिका क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम भोजपुर वार्ड नंबर 02 स्थित है। जिसमें खसरा नंबर 71 / 10 रकबा 0.4250 हेक्टेयर भूमि स्थित है। यह भूमि रामकृष्ण केशरवानी के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज था। जिसे उनके द्वारा अवैध प्लाटिंग कराने के उद्देश्य से अंजनी पिता शिवनारायण मरार ग्राम सिरली, पोस्ट पामगढ़ जिला-जांजगीर चांपा (छ.ग.) के नाम पर बेनामी रजिस्ट्री भू-माफिया/बिल्डर से मिलकर किया गया था। जिसे 16 अलग-अलग व्यक्तियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में प्लाट बनाकर विक्रय किया गया। विक्रेता के द्वारा अवैध प्लाटिंग कॉलोनी निर्माण के लिए करने के पूर्व राज्य शासन/नगर पालिका सारंगढ़ से अनुमति नहीं ली गई है तथा रेरा से बिना पंजीयन कराये कॉलोनी का निर्माण हेतु भूमि विक्रय किया गया है।
जिसके संबंध में नगर पालिका में लिखित शिकायत महावीर केशरवानी के द्वारा विक्रय पत्र के नकल /प्रमाण सहित दिया गया है। -माफिया तथा विक्रेतागण के प्रभाव में नगर पालिका के अधिकारी तथा नगर भू- पालिका के कर्मचारी हैं जिसके कारण अवैध प्लाटिंग करने के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
वहीं नगर पालिका अधिनियम के अन्तर्गत कलेक्टर को धारा 322 एवं 323 के अन्तर्गत कार्यवाही करने की शक्ति प्राप्त है। इस कारण अवैध कॉलोनी निर्माण होने से तथा अवैध रूप से भूमि का अंतरण होने • के कारण संबंधित व्यक्तियों को धारा 339 (ग) एवं (घ) के अन्तर्गत दण्डित किये जाने योग्य है तथा अवैध अंतरण होने के कारण धारा 339 (द) के अन्तर्गत संचित अंतरण को शून्य घोषित किया जावे। इस संबंध में धारा 339 (2) के इंगअन्तर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को संबंधित भूमि को जप्त करने और शासन के कब्जे में लेने का अधिकार प्राप्त है। साथ ही 339 (च) के अन्तर्गत संबंधित भूमि को परिषद् में निहित करने का आदेश दिये जाने योग्य है। कार्यालय उपरोक्तानुसार शक्तियां प्राप्त होने के बाद भी नगर पालिका अधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है इस कारण संबंधित शिकायत के संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से जानकारी/प्रतिवेदन लिया जाकर नगर पालिका अधिनियम के अनुसार अवैध कॉलोनी निर्माण होने के कारण कलेक्टर को प्राप्त पर्यवेक्षण की शक्तियों के अन्तर्गत धारा 323/नगर पालिका अधिनियम के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई है।
शिकायत की कॉपी अटैच
