छत्तीसगढ़ में खेतीबाड़ी के लिए कृषि यंत्रों की मांग हुई दोगुनी, छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार से सब्सिडी राशि बढ़ाने की मांग….. पिछले 03 वर्षो मे कृषि विभाग केवल तीन हजार किसानों को ही एक दे पाया ट्रैक्टर के लिए सब्सिडी….
छत्तीसगढ़ में खेतीबाड़ी के लिए कृषि यंत्रों की मांग दोगुनी हो गई है। लिहाजा, केंद्र सरकार से सब्सिडी राशि को दोगुना तक बढ़ाने की दरकार है। राज्य सरकार ने केंद्रांश बढ़ाने को केंद्रीय कृषि मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है।
पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में 12 हजार से अधिक किसानों ने अकेले ट्रैक्टर के लिए आवेदन लगाया मगर 25 प्रतिशत किसानों को ही अनुदान की राशि मिल पाई है।
कृषि विभाग केवल तीन हजार किसानों को ही ट्रैक्टर के लिए सब्सिडी दे पाया है। इसी तरह अन्य कृषि उपकरण हस्त बैल चलित यंत्र, पावर टिलर, कंबाइन हारवेस्टर, शक्ति चलित कृषि यंत्र, पौधा सरक्षण यंत्र, सिंचाई पंप आदि कृषि यंत्रों की मांग लगातार हो रही है। हालांकि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने सब्सिडी की राशि लगातार बढ़ाई है मगर यह भी नाकाफी है। तीन वर्ष पहले जहां छह हजार किसानों को कृषि उपकरण वितरित किए जा रहे थे। वहीं अब 12 हजार से अधिक किसानों को उपकरण बांटा जा रहा है।
इसलिए कृषि यंत्रीकरण के लिए अलग संचालनालय:
किसानों को समय पर यंत्र मिले इसलिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि यंत्रीकरण के लिए अलग से संचालनालय बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अलग से सेटअप बनाने की घोषणा हुई है।
पिछले वर्षों इतने किसानों को मिला कृषि यंत्र
वर्ष कृषि यंत्र वितरित सीएचसी स्थापित अनुदान राशि जारी (करोड़ में)
2019-20 5,795 265 20.00
2020-21 6,323 413 31.9
2021-22 6,916 362 41.84
2022-23 12,244 554 72.04
यह है केंद्र प्रवर्तित योजना
छत्तीसगढ़ समेत देशभर में केंद्र प्रवर्तित कृषि यंत्रीकरण योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्र की खरीदी पर उन्हें 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा कस्टम हायरिंग केंद्रों (सीएचसी) और उच्च मूल्य वाले कृषि यंत्रों के लिए उच्च तकनीकी केंद्र स्थापित करने को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है।
छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त डा. कमलप्रीत का कहना है कि किसानों को कृषि उपकरण समय पर और अधिक संख्या में मिले इसके लिए केंद्र सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। सब्सिडी की राशि बढ़ाने के लिए सरकार प्रयासरत है।
