रायगढ़ जिले की बदहाल सड़क की दुर्दशा 15 साल की भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का है असली चेहरा – अरुण मालाकार
रायगढ़, 20 मार्च। रायगढ़ जिले की सड़कों की बदहाली को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल द्वारा जारी किए गए विज्ञप्ति को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) अरुण मालाकार ने उन्हें आड़े हाथों लिया है, उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मुद्दा विहीन हो चुकी जिला भाजपा के अध्यक्ष उमेश अग्रवाल सस्ती लोकप्रियता के लिए उलजुलूल बयानबाजी कर अपनी गाल बजाने का काम कर रहे है। सड़कों को लेकर जिस प्रकार से भाजपा जिलाध्यक्ष प्रलाप कर रहे हैं उसे देखकर ये नौटंकी-सा प्रतीत होता है। जिले की सड़कें खराब नहीं हुई हैं बल्कि 15 साल के शासन में भ्रष्टाचार में डूबी भाजपा सरकार का ये चेहरा है। छत्तीसगढ़ में 15 सालों से भाजपा की सरकार रही है उसके बावजूद सड़क का गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं हुआ और रखरखाव में भारी लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सड़क टिक नहीं पाई।
कांग्रेस सरकार ने आते ही छत्तीसगढ़ के विकास को आगे बढ़ाने का काम किया है। सड़कों के मामले में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले ही कहा है कि सड़क निर्माण के लिए फंड की कोई कमी नहीं है। भेंट मुलाकात के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपए की राशि की घोषणा भी की है। पूरे जिले में सड़कों का सुधार व निर्माण द्रुत गति से हो रहा है जिसकी मॉनिटरिंग जिलास्तर के अफसर कर रहे हैं। जल्द ही रायगढ़ जिले की सडक़ों का निर्माण पूर्ण हो जाएगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश को विज्ञप्तिबाज नेता करार देते हुए श्री मालाकार ने कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष उमेश विज्ञप्तिबाज नेता के रूप में विख्यात हो चुके हैं। यदि भाजपा जिलाध्यक्ष को जिले की सड़कों की इतनी ही चिंता है तो रायगढ़ लोकसभा की सांसद से उन्हें पूछना चाहिए कि जिले के राष्ट्रीय मार्गों के क्या हालात हैं। सारंगढ़ रेल लाईन के लिये कितनी बार उन्होंने लोकसभा में प्रश्न किया है, कितनी बार रेलवे मंत्री से मिलकर प्रयास किया है। बरसों बीत गए रायगढ़-सारंगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग आज तक पूर्ण नहीं हुआ है सड़कें टूटने लगी हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा के बारे में सांसद से उन्हें यह प्रश्न जरूर करना चाहिए।
आगे श्री मालाकार ने कहा कि 15 साल की भाजपा सरकार में कितना विकास हुआ ये प्रदेश की जनता ने देखा है। तभी तो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को सिरे से नकार दिया जिसका नतीजा यह रहा कि भाजपा पूरे प्रदेश में 14 सीट पर सिमट गई है। रायगढ़ जिले की पांचों विधानसभा में घुटने के बल पर है। आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी संभावित हार को देख कर भाजपा के जिलाध्यक्ष समेत अन्य नेता अखबारों की सुर्खियां बटोरने के लिए विज्ञप्तिबाज बन कर रह गए हैं जनता के हितों की इन्हें कोई चिंता नहीं है। इन्हें केवल अपने आकाओं के सामने अपना नंबर बढ़ाना है। रायगढ़ जिले की जनता ने भाजपा के कार्यकाल का दंश झेला है और कांग्रेस की सरकार ने जनता के हितों की रक्षा के लिए सदा प्रयास किया है। बहुत जल्द रायगढ़ जिले की सड़कें चमचमाती नजर आएंगी।
