वादे पूरे नहीं होने पर रायगढ़ एनर्जी के खिलाफ बेमियादी हड़ताल शुरु…..
रायगढ़, कलेक्टर जनदर्शन में गुहार लगाने के बावजूद रायगढ़ एनर्जी द्वारा वादे पूरे नहीं करने से त्रस्त लोगों ने अब कंपनी के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने का आगाज कर दिया है। चूंकि, प्रदर्शनकारी लिखित में अपनी मांगें मनवाने अड़े है, इसलिए कंपनी प्रबंधन का आश्वासन कारगर साबित नहीं होने पर धरना दूसरे रोज भी जारी रहा।
पुसौर के ग्राम पंचायत बड़े भंडार, छोटे भंडार और बरपाली से लेकर सरवानी तथा अमलीभौना के बाशिंदों ने रायगढ़ एनर्जी के विरोध में बगावत का बिगुल फूंकते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू कर दिया है। बड़े भंडार स्थित रायगढ़ एनर्जी जनरेशन लिमिटेड कंपनी के गेट के सामने हाथों में तख्ती थामकर सोमवार से बेमियादी हड़ताल पर ग्रामीणों के बैठने के बाद थाना प्रभारी नारायण सिंह मरकाम ने वहां संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने पुलिस फोर्स भी लगाया है।
दरअसल, रायगढ़ एनर्जी कंपनी ने किसानों की कृषि भूमि को सीधी खरीदी के तहत अधिगृहित कर बदले में कृषक परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी पर रखने का वादा किया, लेकिन आज तलक अस्थायी नौकरी पर ही रखा है वो भी कम वेतन देकर। यही वजह है कि विगत 31 जनवरी को कलेक्टर जनदर्शन में लोगों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर रायगढ़ एनर्जी के विरोध में 6 फरवरी से बेमियादी हड़ताल का ऐलान किया था। इसी क्रम में सोमवार तड़के 4 बजे से कंपनी गेट के सामने धरना दे रहे लोग मंगलवार को भी डटे रहे।
हड़ताल पर बैठे लोग रायगढ़ एनर्जी के कर्मचारियों से समर्थन मांगते ड्यूटी पर नहीं जाने का अनुरोध भी कर रहे हैं। ऐसे में कुछ कर्मचारी जब ड्यूटी पर जाने के बजाए उनके साथ हड़ताल पर बैठते तो कंपनी प्रबंधन किसी तरह उनको काम पर बुला ले रहा है। सिक्यूरिटी इंचार्ज ने हड़ताल समाप्त कराने के लिए कोशिश भी की, मगर जब प्रदर्शनकारियों ने अपनी नौकरी को स्थायी करने के लिए लिखित में मांग की तो वे वापस लौट गए। मंगलवार दोपहर तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित किसानों को डॉक्यूमेंट और कंपनी के ज्वॉइनिंग लेटर को साथ लेकर आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, फिर भी प्रदर्शनकारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे।
