रायगढ़: 1 नवंबर से धान खरीदी होगी। खरीदी के समय किसी तरह की परेशानी न आए, इसलिए सरकार ने खरीदी से पहले ट्रायल रन के निर्देश दिए हैं। बुधवार को ट्रायल रन शुरू होना था, लेकिन समिति प्रबंधकों की हड़ताल और आनलाइन साफ्टवेयर लांच नहीं हो पाने की वजह से ट्रायल रन शुरू नहीं किया जा सका है। बुधवार को सोसाइटी प्रबंधकों की बैठक हुई। धान खरीदी से उन्हें दूर रखने की मांग के साथ कुछ पुरानी मांगों के पूरा होने तक हड़ताल पर रहने की बात कही। 4 साल से लंबित पुराने बारदानों का उपयोगिता शुल्क देने, बंपर लिमिट समाप्त करने और प्रोसेसिंग और सुरक्षा व्यय बढ़ाने, खरीदी केंद्रों की तर्ज पर सोसाइटियों में भी सूखत प्रावधान देने जैसी मांग है। धान खरीदी को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है।

मार्कफेड के पास 95 लाख बारदाने उपलब्ध

धान खरीदी के पहले मार्कफेड के पास पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध हैं। मार्कफेड के अफसरों का कहना है कि अभी उनके पास 19 हजार गठान हैं, जिसमें करीब 95 लाख गठान उपलब्ध होने की बात कही जा रही है। यह सारे जूट, प्लास्टिक के अलावा पीडीएस और मिलर बारदाने का भी उपयोग खरीदी में किया जाएगा। किसानों से बारदाने लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शुरुआती दिनों से ही किसानों को सोसाइटियों में ही बोरे की कोई कमी नहीं होगी। इस साल 1 करोड़ बारदाने की जरूरत पड़ेगी। इस बार 40 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल 36 लाख 70 हजार धान खरीदी हुई थी।
हड़ताल पर अड़े हैं समिति प्रबंधक
सोसाइटी प्रबंधकों की एक बैठक बुधवार को एक होटल
में हुई। इसमें अपनी मांगों को लेकर सोसाइटी प्रबंधक अड़े हुए हैं। बैठक में यह निर्णय हुआ है कि अभी वे धान खरीदी नहीं करेंगे। नया धान खरीदी केंद्र प्रभारी नियुक्त करना है। कर्मचारी की तैनाती नहीं हो सकी है। नए खरीदी केंद्र में खरीदी के लिए कर्मचारी व्यवस्था, आःपरेटर, टैबलेट, कांटा बार, फिसिंग, धान बारदाना प्रभारी, बारदाना सहित कई सामान्य कामकाज नहीं हो सका। इस संबंध में अपनी मांगों को लेकर गुरुवार को सोसाइटी प्रबंधक कलेक्टर से मिलेंगे। इसके बाद रायपुर में रैली निकालने के साथ वहां पर एक बैठक रखी है।
डमी के रूप में होगी खरीदी
धान खरीदी के लिए मार्कफेड द्वारा साफ्टवेयर लांच करना है। इसके बाद ही खरीदी को लेकर ट्रायल रन किया जाएगा। डमी के रूप में खरीदी की जाएगी। आनलाइन माध्यम से टोकन जारी करना, बारदाना व्यवस्था करना के अलावा धान खरीदी कराने के बाद उसका जावक दिखाने का काम करना है। यह सभी प्रक्रिया डमी रूप में करनी है, लेकिन इसके आनलाइन साफ्टवेयर तैयार होकर नहीं आने की वजह से इस प्रक्रिया सभी प्रक्रिया डमी रूप में करनी है, लेकिन इसके आनलाइन साफ्टवेयर तैयार होकर नहीं आने की वजह से इस प्रक्रिया अटकी हुई है।
जल्द जारी होगा सॉफ्टवेयर
सोसाइटी प्रबंधक भले ही विरोध कर रहे हैं, लेकिन समितियों में खरीदी को लेकर इंतजाम कर रहे हैं। हालांकि अभी सोसाइटियों में जो बारदाने पहुंच रहे हैं, उसकी एंट्री करने
के साथ उसका स्टाक रखवाने का काम चल रहा है। इधर डीएमओ प्रवीण पैकरा ने बताया कि एक या दो दिनों में धान खरीदी को लेकर साफ्टवेयर लांच होने की उम्मीद है।
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