सारंगढ: – एक शिक्षक ,शिक्षा का प्रमुख संवाहक और समाज का धुरी होता है, जिसके बिना सीखने सिखाने की कल्पना अधूरी होता है। हमारे समाज मे पुरातन समय से लेकर आज पर्यंत तक शिक्षा के बहुमुखी विकास एवम व्यापक प्रचार प्रसार में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होता है। नौनिहालों को शिक्षा के साथ साथ जीवन कौशल और समाज तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना जागृत का दायित्व भी शिक्षक का होता है। उक्त उदगार विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आरके कश्यप ने संकुल हरदी और डोंगिया के संयुक्त तत्वावधान मे विगत दिवस माध्यमिक शाला हरदी के सभागार मे आयोजित शिक्षक सम्मान सह विदाई कार्यक्रम मे सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे।
विदित हो कि विकासखण्ड के हरदी और डोंगिया संकुल के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों मे पदस्थ पांच शिक्षकगण शासकीय सेवा में अधिवार्षिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृति उपरान्त परम्परा के अनुसार दिनांक 20 अगस्त को शिक्षा के विकास में तथा विभाग में उनके अविस्मरणीय योगदान के फलस्वरूप उन्हें सम्मान सह विदाई कार्यक्रम के माध्यम से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आरके कश्यप ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज मे सर्वोपरि है। एक शिक्षक जब विभाग में सेवा देने के लिए नियुक्त होता है तब वह बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के नौनिहालों को अपनी ज्ञान की लौ से आलोकित करता है। देश के भावी कर्णधारों को शिक्षा के विविध आयामों एवम जीवन कौशल से ज्ञानर्जित करता है। उन्होंने सभी पांचों शिक्षकों के अविस्मरणीय योगदान को नमन करते हुए कहा कि शिक्षा के बिना जिंदगी बेमानी है। हमारे ये शिक्षकगण अबोध और मासूम नौनिहालों को अपनी ज्ञान से एक नए आयाम ,नया स्वरूप दिए हैं जो आगे चलकर जीवन के विभिन्न क्षत्रों में अलग अलग भूमिकाओं का निर्वहन करने तत्पर होंगे। इसी अनुक्रम में संकुल प्राचार्य श्रीमती विभावरी ठाकुर ने कहा कि शिक्षक अपनी ज्ञान और कौशल से अपने विद्यार्थियों के माध्यम से समाज को आदर्श बनाने हरसंभव प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकगण विषम परिस्थितियों मे भी विभागीय सेवा देते हैं ताकि एक सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो सके। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए सभी पांचों शिक्षकों से विनम्र आग्रह किया कि वे सेवानिवृत्ति के बाद भी सामाजिक सेवा के साथ साथ जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा देते रहेंगे। सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे एवम बीआरसी शोभाराम पटेल ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किये। अधिकारी द्वय ने कहा कि सेवानिवृत्त हुए सभी पांचों शिक्षकगण विभाग के अनमोल रत्न हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही नई पीढ़ी के विकास का आधार है।अगर भावी पीढ़ी विकसित एवम सुशिक्षित होगी तो निःसंदेह देश और समाज का चतुर्दिक विकास होगा। कार्यक्रम मे सेवानिवृत्त हुए शिक्षकगणों के साथी एवम स्टॉफ के सदस्यों ने भी उनके योगदान ,सहयोग और कर्तव्यपरायणता और अनुशासन के बारे में बताए। कार्यक्रम के अंत मे सभी सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को शॉल श्रीफल, प्रशस्ति और अभिनंदन पत्र डायरी,कलम,किताब एवम छाता प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन अपनी चिर परिचित एवम शायराना अंदाज मे कर्मचारी संघ के अध्यक्ष युवा तुर्क चोकलाल पटेल तथा सुमधुर आवाज में प्रेरणादायक गीतों को गाकर मंत्रमुग्ध करने वाला मंथन गुरुजी ने किया। आज के इस गरिमामयी कार्यक्रम मे विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कश्यप, संकुल प्राचार्या श्रीमती ठाकुर सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुर्रे,बीआरसी शोभाराम पटेल , विभागीय मीडिया प्रभारी ध्रुवकुमार महन्त, विभिन्न संकुलों के समन्वयकगण ,संकुल हरदी और डोंगिया के सभी शिक्षक तथा बच्चे उपस्थित रहे।


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