जगन्नाथ बैरागी

बार-बार कोल ट्रांसपोर्टरों की वादाखिलाफी के विरोध में छाल माइंस में थम गए ट्रेलर वाहनों के पहिए..
रायगढ़। विगत मार्च माह से ट्रांसपोर्टरों और ट्रेलर वाहन मालिकों के बीच चल रहा भाड़ा का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है जहां मार्च में आपसी समझौते में 1 अप्रैल से भाड़ा तय हो गया था वही डीजल का ₹2 रेट बढ़ने पर डीजल एस्केलेशन ट्रांसपोर्टरों द्वारा वाहन मालिक को देने का वादा किया गया था परंतु आज लगभग ₹10 डीजल के रेट बढ़ने पर भी उनके द्वारा किसी भी प्रकार का डीजल एस्केलेशन वाहन मालिकों को नहीं दिए जाने पर उन्होंने प्रशासन को जिला कलेक्टर महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि 23 जून को प्रशासन के समक्ष त्रिपक्षीय वार्ता में जिसमें की जिला प्रशासन ट्रेलर वाहन मालिक एवं ट्रांसपोर्टर के द्वारा एक बैठक आहूत हुई थी उसमें दोनों पक्षों की आपके समक्ष सहमति बनी थी कि 16 जून से डीजल एक्सलेशन एवं कुछ अन्य और विषय थे जिनमें की दोनों पक्षों में आपसी रजामंदी होकर आपके पास इसका एक लिखित प्रपत्र 1 दिन बाद आपके समक्ष देना था जिसमें कि दोनों पक्षों के हस्ताक्षर सम्मिलित थेl परंतु हमने बैठक में हुए वादे के अनुसार सभी वह प्रयत्न किए जो कि हमें करना चाहिए था उसके बाद भी ट्रांसपोर्टरों द्वारा उस प्रपत्र पर केवल 2 लोगों के सिवा किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए और प्रशासन के समक्ष हुई बातों को दरकिनार कर दिया।
इसलिए अब लगभग 2000 परिवारों के ऊपर अपने परिवार पोषण का खतरा मंडराने लग गया हैl
उन्होंने आगे ज्ञापन में कहा कि इन्हीं सब बातों से खफा होकर हमारी छाल इकाई द्वारा आज शनिवार की सुबह से अपनी वाहनों को खड़ा कर दिया गया है और यदि सोमवार तक ट्रांसपोर्टरों द्वारा डीजल एस्केलेशन का भाड़ा 16 जून से नहीं दिया जाता तो हमें अत्यंत अफसोस एवं मजबूरी वश पूरे जिले भर के वाहन मालिकों को अपनी वाहन खड़ा करना पड़ेगा।
उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से जिला कलेक्टर से विनम्र आग्रह है कि एक बार पुनः आप इस विषय पर पहल करते हुए कोई भी समाधान का रास्ता निकालने की कोशिश करें और हम वाहन मालिक के परिवारों को इस समस्या से निजात दिलवाएl यहां एक बात प्रशासन के संज्ञान में हम और लाना चाहते हैं कि इन ट्रांसपोर्टरों के द्वारा बार-बार नियमों का उल्लंघन किया जाता है एवं किसी भी प्रकार की कोई भी समझौते या बैठक का अनादर कर दिया जाता है जिससे कि हमें अकारण ही परेशान होकर ना चाहते हुए भी आंदोलन के रास्तों को अपनाना पड़ता है, इनकी मनसा से जान पड़ता है कि इन्हें किसी प्रकार का कोई भी नियम कानून समझौता का भय नहीं है, हमारी समस्याओं का निदान करते हुए कोई ठोस पहल करके उचित निर्णय करके हमें डीजल एस्केलेशन दिलवाने में आप अपनी अहम भूमिका निभाने की कृपा करें।
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