रायगढ़। रायगढ़ जिले में शराब में पानी मिलाकर बेचने के लगातार कई मामले सामने आए हैं। विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में पता चला कि अप्रैल से मई 2022 दो महीने में ही पांच प्रकरण रायगढ़ में पकड़े गए। इसमें आठ कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया गया। यह बेहद सनसनीखेज मामला है। छग सरकार की आबकारी नीति पहले ही भाजपा के निशाने पर है। शराब के खेल में कई गंभीर आरोप भी लगते रहे हैं। रायगढ़ जिले में प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारियों की कारगुजारियां इन आरोपों को और मजबूत बनाती हैं।

जांजगीर-चांपा विधायक नारायण चंदेल ने रायगढ़ और बिलासपुर जिले में शराब में पानी मिलाने के मामलों की जानकारी मांगी थी। इस पर मंत्री कवासी लखमा ने जवाब दिया। सूची में 1 अप्रैल 2022 से 31 मई 2022 के बीच रायगढ़ जिले में ऐसे पांच में मामलों की जानकारी दी गई । इसमें से दो में प्रकरण दर्ज किए गए। तीन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। आठ कर्मचारियों को सेवा से पृथक किया जा चुका है। दो प्रकरणों में एफआईआर कराई गई है। आबकारी विभाग के सामने इससे ज्यादा प्रकरण आते हैं लेकिन सभी में कार्रवाई नहीं होती।
बिलासपुर की टीम ने पकड़ी थी गड़बड़ी
जुलाई में ही बिलासपुर से आई उड़नदस्ता टीम ने जूटमिल मटन मार्केट दुकान और बरमकेला शराब दुकान में शराब में पानी मिलाकर बेचने का मामला पकड़ा था। इस मामले में अभी तक की गई कार्रवाई की कोई जानकारी नहीं है। प्लेसमेंट एजेंसी की शह पर ही यह काम चल रहा है।

