रायगढ़ । सारंगढ़ क्षेत्र के ग्रा पं गुडे़ली व टिमरलगा देय आये दिन बायोडीजल पकड़ाने की खबर से मिडिया की सुर्खिया भरे रहती है। अगर विश्वस्त सूत्रों की माने तो इन दिनों फिर से यहाँ बायोडीजल की बाढ़ सी आ गई है । यहां के पेट्रोल पंप वाले भूखे मरने के कगार पर है । क्यूंकि प्राप्त जानकारी के अनुसार चंद्रपुर के एक पेट्रोल पंप संचालक द्वारा बेधड़क होकर बायोडीजल की सप्लाई किया जा रहा है । वैसे तो गुडे़ली खनिज संपदा से भरा हुआ है तो जाहिर सी बात है कि – यहां बड़े-बड़े ट्रांसपोर्टर और डम्परों का आवागमन होना लाजमी है इसी का फायदा उठाकर यहां के गाड़ियों में बायो डीजल खपाया जा रहा है ।

कुछ सूत्रों की माने तो रक्षक ही बन जाए भक्षक वाली कहानी हो रही है , क्योंकि एक पेट्रोल पंप मालिक ही बेखौप होकर बायोडीजल बेच रहा है । जांजगीर-चांपा जिला रायगढ़ जिले से अलग हो जाता है , इसीलिए चंद्रपुर से एक पेट्रोल पंप संचालक मंत्री की धौंस दिखाकर गुडे़ली- टिमरलगा के बड़े-बड़े क्रेशरों में बायोडीजल की सप्लाई कर रहा है। वहीं क्रेशर मालिक भी अपने क्रेशरों में पेट्रोल पंप जैसे बड़े-बड़े टैंकरों में बायो डीजल रखे हुए हैं और खाद्य विभाग के अधिकारियों पर लक्ष्मी बरसा रहे हैं ? सम्भवतः इसीलिए इन पर कुछ कार्यवाही नहीं हो रही है लोग तो यहाँ तक कहते नही चुक रहे की खाद्य विभाग के संरक्षण में बायोडीजल का खेल गुडे़ली- टिमरलगा में हो रही है। और वही चंद्रपुर का पेट्रोल पंप मालिक अकेला नहीं है , यहां पर तो रायगढ़ के बड़े-बड़े क्रेशर मालिक भी अपने क्रेशर में बड़े-बड़े टैंकर लगा कर रखे हुए हैं, क्योंकि बायो डीजल ! डीजल से 15-20 ₹ कम पर मिलता है इसीलिए वे बायोडीजल से ही अपना गाड़ियां चला रहे हैं और शासन को चुना लगा रहे हैं ।

ज्ञातव्य है कि – यह औद्योगिक क्षेत्र होने से यहां प्रतिदिन 800 से 1000 डम्परों का आवागमन होता है। इसका फायदा नकली बायोडीजल बेचने वाला उठा रहा हैं। नकली बायोडीजल बिकने से शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि, साथ ही अधिकृत पेट्रोल पंप संचालकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम बिक्री होने के कारण पंप कर्मचारियों की छंटनी होने से कई बेरोजगार हो गए हैं। इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान होता है । सस्ते के चक्कर में वाहन का इंजन भी जल्दी खराब हो जाता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि – यदि कोई घटना-दुर्घटना हो जाती है तो उसके बचाव के साधन वहां नहीं है।
किस अधिकारी के मिलीभगत से बेच रहा है बायोडीजल –
अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए तो इस रायगढ़ जिले का क्या होगा ? जानकारी के मुताबिक रायगढ़ जिले के सारंगढ़ तहसील में अधिकारियों की मिलीभगत से चंद्रपुर पेट्रोल पंप संचालक बेधड़क होकर बायोडीजल का काम कर रहा है , आज यहां रोकने वाला कोई नहीं है । वही गांव वालों का तो कहना यहां तक है कि – एक बार खाद्य अधिकारी ने इसकी गाड़ी को रोक लिया जैसे ही उनके आकाओं का फोन आना चालू हुआ तो खाद्य अधिकारी भी गाड़ी छोड़कर वहाँ से नौ दो ग्यारह हो गयें । अधिकारी पूरा लूट मचा रखे हैं और यहां बायो डीजल का काम करने वाला व्यापारी शासन को चुना लगा रहा है । क्या सच मे रायगढ़ में बैठे खाद्य अधिकारियों को मोटे-मोटे लिफाफे पर महीना भेज रहे हैं ? शायद इसीलिए तो कार्यवाही के नाम पर अब तक डबल जीरो है । जरा गौर फरमाइए साहब सरकारी तनखा लेते हैं तो सरकार और जनता का भी काम कीजिए ।
चंद्रपुर में है बायोडीजल का बहुत बड़ा जखीरा ?
वहीं जानकार बता रहे हैं कि- चंद्रपुर में एक बहुत बड़ा टैंकर जमीन के नीचे गड़ा कर रखा हुआ है , लेकिन यहां तो अधिकारी जानकर भी अंजान बन रहे हैं , क्योंकि वहां से बड़ा डीजल गाड़ियां आती है और वहां गड़े टैंकर पर 30 हजार से 35 हजार लीटर बायोडीजल को खाली कर दिया जाता है । खाली करके अपने 2 हजार लीटर वाली गाड़ियों में भरकर व्यापारियों को बेचकर और शासन को चूना लगाकर गुडे़ली-टिमरलगा के क्रेशरों में जाकर खपाया जा रहा है । अधिकारी जान कर भी अंजान बन रहे हैं । आखिर किसका है इन पर संरक्षण ?क्यों नहीं ध्यान दे रहे खाद्य विभाग के अधिकारी ?
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