रायगढ़, गोधन न्याय योजना के अन्तर्गत पशु पालकों के साथ ही चरवाहे को भी गौठानो में पशुओं को लाकर प्राप्त गोबर की ब्रिकी कर आय अर्जित कर सकते है। इस संबंध में आज कलेक्टर भीम सिंह ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के 9 ब्लाकों के विभिन्न गांवों के चरवाहों से गौठानो में पशुओं की उपस्थिति पर चर्चा की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ.रवि मित्तल भी उपस्थित थे।
कलेक्टर भीम सिंह ने जिले के विकासखंडवार चरवाहों से चर्चा की। उन्होंने वर्तमान में गौठानों में पशुओं की संख्या पर उनसे जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गौठान का प्रमुख उद्देश्य गांव के पशुधन के लिए पर्याप्त चारे-पानी की व्यवस्था के साथ उचित देखभाल करना है। साथ ही गौठानों में पशुओं से मिलने वाले गोधन की बिक्री के साथ ही उससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने का काम भी होता है। इसके तहत गौठान में पशुओं की देखरेख करने का कार्य चरवाहों का है। गौठान में रहने के दौरान पशुओं से प्राप्त गोबर का विक्रय चरवाहे द्वारा किया जा सकता है। अभी विभिन्न गौठानों में चरवाहों ने इस प्रकार गोबर बिक्री कर अच्छी आय अर्जित की है। अत: ऐसी व्यवस्था जिले के सभी गौठानों में सुनिश्चित करनी है। इसके लिए आवश्यक है कि चरवाहे गांव के पशुओं को नियमित रूप से गौठान में लेकर आए, जिससे न केवल पशुओं के खुले में घूमने से होने वाली फसल क्षति कम होगी बल्कि चरवाहों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया भी निर्मित होगा। उन्होंने कहा कि इन गौठानों में पशुओं के लिए हरा चारा, पानी एवं उपचार के लिए डॉक्टर की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पशुओं के लिए सूखे चारे का संग्रहण भी किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने आगे कहा कि जिले में रबी फसल के रकबे को बढ़ाने के लिए भी यह जरूरी है कि पशु गौठानों में आए। पशुओं के गौठानों में पहुंचने से रबी फसल को कम नुकसान होगा व किसानों का मुनाफा बढ़ेगा, साथ ही चरवाहों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।


चरवाहों को मिलेगा ईनाम
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने चरवाहों से चर्चा के दौरान उनके गौठान में पशुओं की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। बेहतर उपस्थिति वाले गौठानों के चरवाहों का उन्होंने उत्साहवर्धन किया। उन्होंने चरवाहो को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अब विकासखण्डवार गौठानों में पशुओं की उपस्थिति का मासिक आंकलन किया जाएगा। प्रत्येक विकासखण्ड के जिस गौठान में पशुओं की संख्या सबसे अधिक होगी। उस गौठान के चरवाहे को एक हजार रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। वीडियों कान्फ्रेंसिंग में रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, सारंगढ़ एवं बरमकेला के चरवाहों ने कलेक्टर से बात की। इस दौरान चरवाहों ने पशुओ की संख्या बढ़ाने के संबंध में अपनी राय भी रखी।

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