सारंगढ़। जिला मुख्यालय में नागरिकों को बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित पंचकर्म सेंटर को लेकर अब स्थान चयन का मुद्दा उठने लगा है। करीब 32 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है। वहीं, जनपद पंचायत के सामने स्थित विकास भवन की मरम्मत पर लगभग 9 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए जाने की जानकारी है। इसके बावजूद अब सेंटर को जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम भेड़वन स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थानांतरित करने की तैयारी की चर्चा है। यदि ऐसा होता है, तो सरकारी खर्च के बाद भी जिला मुख्यालय के नागरिकों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है।
सारंगढ़ शहर की लगभग 25 हजार आबादी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 50 हजार लोगों को पंचकर्म सेंटर से लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। पंचकर्म जैसी आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए नियमित रूप से आने वाले मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को नजदीक में केंद्र उपलब्ध होने से सहूलियत मिल सकती है। लेकिन सेंटर को भेड़वन में संचालित किए जाने पर मरीजों को अतिरिक्त समय और किराये का खर्च उठाना पड़ सकता है। खासकर नियमित उपचार कराने वाले लोगों के लिए यह परेशानी का कारण बन सकता है।
जानकारी के अनुसार, आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए पहले काली मंदिर के पीछे स्थित सामुदायिक भवन को चिन्हित किया गया था। हालांकि, मुख्य आबादी से दूर होने के कारण इस स्थान को उपयुक्त नहीं माना गया। वहीं, फूलझरिया पारा स्थित प्राथमिक शाला भवन में जिला आयुर्वेद अधिकारी का कार्यालय संचालित होता था। चारदीवारी गिरने के बाद कार्यालय को विकास भवन में स्थानांतरित किया गया।
अब पंचकर्म सेंटर को लेकर स्थान परिवर्तन की चर्चा के बीच भवन चयन और सरकारी राशि के उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय में ही जनपद पंचायत परिसर के खाली कमरे और मंडी के सामने स्थित सामुदायिक भवन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। इससे नागरिकों को सुविधा मिलेगी और सरकारी संसाधनों का उपयोग भी जनहित में हो सकेगा।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचकर्म सेंटर के स्थानांतरण संबंधी निर्णय की समीक्षा की जाए और इसकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि जब जिला मुख्यालय में बड़ी आबादी को सुविधा देने की संभावना है, तो सेंटर को दूर ले जाने से पहले सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन पंचकर्म सेंटर के संचालन को लेकर क्या निर्णय लेता है। फिलहाल, खर्च की गई राशि, भवन की उपयोगिता और मरीजों की सुविधा को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है।
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