जैजैपुर। जैजैपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सलनी में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। जिला स्तरीय जांच में करीब 16 लाख 76 हजार 389 रुपये की राशि ऐसे कार्यों पर आहरित कर व्यय किए जाने की बात सामने आई है, जिनमें से कई कार्य जांच के दौरान मौके पर दिखाई नहीं दिए। मामले में संबंधित सरपंच, सचिव और उप अभियंता समेत अन्य जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मामला बोर खनन, पंप स्थापना, शौचालय निर्माण, नाली निर्माण, चबूतरा मरम्मत सहित अलग-अलग निर्माण एवं विकास कार्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। वर्तमान उपसरपंच एवं पूर्व जनपद सदस्य जय चन्द्रा ने इन कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उनका आरोप है कि कई कार्यों को कराए बिना ही सरकारी राशि का आहरण किया गया। वहीं पूर्व में खनन किए जा चुके पुराने बोर को नया बोर दर्शाकर राशि निकालने का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायत के बाद कार्यों के दस्तावेजों और मौके की स्थिति का सत्यापन किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार जनपद पंचायत स्तर पर गठित जांच टीम द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सक्ती के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस वासु जैन के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की। जिला स्तर पर जांच कराए जाने के बाद मामले में अनियमितता सामने आने की बात कही गई है।
मामले में तकनीकी सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि किसी कार्य का मौके पर अस्तित्व नहीं था या कार्य पूर्ण नहीं हुआ था, तो उसकी माप किस आधार पर की गई और माप पुस्तिका में कार्यों को किस तरह दर्ज किया गया, यह जांच का अहम बिंदु है। इसी वजह से संबंधित उप अभियंता वेद प्रकाश डनसेना और आरईएस के एसडीओ की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
जिला स्तरीय जांच प्रतिवेदन के अनुसार विभिन्न कार्यों को पूर्ण कराए बिना 16,76,389 रुपये की राशि आहरित कर व्यय किया जाना पाया गया है। यह राशि पूर्व सचिव लक्ष्मण बंजारे और वर्तमान सचिव संतरा सिदार के कार्यकाल में व्यय की गई बताई गई है। मामले में पूर्व सरपंच टंकेश्वर चन्द्रा के संबंध में भी कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शिकायतकर्ता जय चन्द्रा ने कहा कि उन्होंने पहले ई-पंचायत पोर्टल के माध्यम से शिकायत की थी। उनके मुताबिक जनपद स्तर से जांच टीम आई, लेकिन मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इसके बाद उन्होंने जिला पंचायत सीईओ वासु जैन से शिकायत की, जिसके बाद जिला स्तरीय टीम ने जांच की। उन्होंने कहा कि जिला जांच में मामला सामने आने के बाद उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है।
वहीं जिला पंचायत सक्ती के सीईओ वासु जैन ने कहा कि जिला स्तरीय जांच के बाद संबंधित सरपंच, सचिव और उप अभियंता को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधितों से जवाब एवं साक्ष्य मांगे गए हैं और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
अब पूरे मामले में संबंधितों के जवाब, जांच के निष्कर्ष और शासकीय राशि की रिकवरी को लेकर अगला कदम क्या होता है, इस पर नजर बनी हुई है। यदि जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों से राशि की वसूली और नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं तकनीकी सत्यापन और कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर उठे सवालों का जवाब भी संबंधित अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगा।

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