सारंगढ़। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर गोपाल जी मंदिर छोटे मठ में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। मठ के वर्तमान महंत बंशीधर दास मिश्रा द्वारा पूर्व मठाधीश महंत चैतन्य दास महाराज के पुण्य स्मरण में संत समाज एवं विप्र जनों के लिए श्रद्धापूर्वक भोज का आयोजन किया गया। विशेष संयोग यह भी रहा कि इसी अवसर पर पितामह स्व. बंकीम चंद्र मिश्रा की पुण्यतिथि भी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुआ। मंत्रोच्चार से पूरा मठ परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। संतों, महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं विप्रजनों ने पूर्व मठाधीश महंत चैतन्य दास महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके धार्मिक एवं सामाजिक योगदान को स्मरण किया।
मठ की पुरातन परंपरा के अनुरूप आयोजित इस ब्राह्मण भोज में नगर के गणमान्य नागरिकों, प्रतिष्ठितजनों एवं पत्रकारों को भी ससम्मान भोजन प्रसाद ग्रहण कराया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में सेवा और समर्पण की भावना देखने को मिली।
भोज के पश्चात महंत बंशीधर दास मिश्रा ने विप्रजनों को स्नेहपूर्वक दक्षिणा प्रदान की और मठ की परंपरा के अनुसार उनका सम्मानपूर्वक विदाई दी। आयोजन ने पितृ पक्ष की धार्मिक भावना के साथ-साथ गुरु परंपरा, संत सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संदेश दिया।


