सारंगढ़। बरमकेला-सोहेला मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर अब राजनीतिक विरोध तेज होता नजर आ रहा है। सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों कंटेनर और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते मार्ग जगह-जगह से उखड़ गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
इस गंभीर समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महामंत्री गोपाल बाघे ने भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बरमकेला-सोहेला मार्ग पर भारी वाहनों का लगातार दबाव है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में कंटेनर और अन्य भारी वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं, लेकिन सड़क की स्थिति और उसकी क्षमता को लेकर जिम्मेदार विभाग द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
गोपाल बाघे ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सड़क की क्षमता और सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट है, तो आखिर सैकड़ों कंटेनर वाहनों को लगातार इस मार्ग पर चलने की अनुमति कैसे मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क तेजी से खराब हो रही है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों को गड्ढों के बीच जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क की हालत किसी से छिपी नहीं है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। बाघे ने यह भी सवाल किया कि आखिर इन कंटेनर वाहनों के संचालन के पीछे किसका राजनीतिक संरक्षण है और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो प्रशासन कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए गोपाल बाघे ने कहा कि सरकार विकास और बेहतर सड़कों को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन बरमकेला-सोहेला मार्ग की जमीनी स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। सड़क लगातार खराब हो रही है, गड्ढों की संख्या बढ़ती जा रही है और भारी वाहनों की आवाजाही से लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।
गोपाल बाघे ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरमकेला-सोहेला मार्ग पर संचालित भारी वाहनों की संख्या, उनके परमिट, ओवरलोडिंग तथा यातायात नियमों के पालन की तत्काल जांच कराई जाए। इसके साथ ही सड़क की गुणवत्ता और बार-बार सड़क खराब होने के कारणों की भी जांच की जाए। उन्होंने कहा कि केवल गड्ढों की अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सड़क पर भारी वाहनों के दबाव और सड़क की वास्तविक क्षमता को ध्यान में रखते हुए ठोस व्यवस्था बनानी होगी।
उन्होंने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने तथा वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। बाघे का कहना है कि सड़क की बदहाली को नजरअंदाज करना भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
गोपाल बाघे ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुगम आवागमन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस नेता गोपाल बाघे द्वारा उठाए गए सवालों पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं और बरमकेला-सोहेला मार्ग की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए कब तक ठोस कार्रवाई की जाती है।

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