सारंगढ़-बिलाईगढ़। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने 1 सितंबर 2026 को रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक ली। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, गंभीर अपराधों पर नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और पुलिसिंग में डिजिटल तकनीक के शत-प्रतिशत उपयोग को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पुलिस अधिकारी शामिल हुए। सारंगढ़ जिले से पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा सहित रेंज कार्यालय के अधिकारी, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) एवं विशेष नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

60 और 90 दिन की समय-सीमा में चालान पर जोर
आईजी श्री गर्ग ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत मामलों के समयबद्ध निराकरण को प्राथमिकता देते हुए थानों की लंबित विवेचनाओं को न्यूनतम करने के निर्देश दिए। पुराने मामलों के शीघ्र निराकरण के साथ 60 एवं 90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान अथवा खात्मा प्रस्तुत करने का लक्ष्य तय किया गया। इसकी साप्ताहिक मॉनिटरिंग राजपत्रित अधिकारियों द्वारा किए जाने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल पुलिसिंग को 100% लागू करने के निर्देश
बैठक में CCTNS, न्याय संहिता डैशबोर्ड, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-साक्ष्य के उपयोग की विस्तार से समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से हस्तलिखित रिपोर्टों की जगह MedLEaPR के माध्यम से डिजिटल MLR और PMR का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने कहा गया।
वहीं विवेचकों के आधार-आधारित डिजिटल ई-साइन, शिकायतकर्ताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की व्यवस्था तथा e-Sakshya, e-Forensic और e-Malkhana प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। जब्ती माल को ई-फॉरेंसिक प्रणाली से भेजने तथा मालखाने को बारकोड आधारित और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया गया।
CCTNS में IIF-1 से IIF-11 तक की प्रविष्टियों और ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए
नशे के कारोबार पर शिकंजा, ANTF की मौके पर मौजूदगी जरूरी
NDPS मामलों में प्रक्रियात्मक त्रुटियों को रोकने के लिए मादक पदार्थों की जब्ती के दौरान ANTF प्रभारी अथवा प्रशिक्षित अधिकारी की मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मादक पदार्थों की तस्करी में प्रयुक्त वाहनों की संयुक्त इन्वेंट्री, फोटोग्राफी एवं सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुति के साथ आदतन तस्करों की संपत्ति कुर्की के लिए PIT-NDPS एवं SAFEMA के तहत ठोस कार्रवाई करने कहा गया।
गो-तस्करी के संगठित गिरोहों पर भी कड़ी नजर
अंतरराज्यीय गो-तस्करी गिरोहों के खिलाफ एंड-टू-एंड वित्तीय विवेचना करने, गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, तस्करों की संपत्ति अटैच करने तथा जब्त वाहनों के शीघ्र राजसात एवं सार्वजनिक नीलामी के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। अंतरराज्यीय सीमा से जुड़े मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
लापरवाही मिली तो तय होगी जिम्मेदारी
आईजी राम गोपाल गर्ग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने, डिजिटल पुलिसिंग को शत-प्रतिशत लागू करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। CCTNS एवं आईटी पोर्टल्स के अनुपालन में लापरवाही, विवेचना में त्रुटि के कारण दोषमुक्ति अथवा चालान प्रस्तुत करने की वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारी की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के साथ कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की सख्त हिदायत दी।
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