सारंगढ़। बरमकेला से रायपुर जा रही बंटी बस मंगलवार को वन अभ्यारण्य क्षेत्र के बीच हादसे का शिकार हो गई। संकरी सड़क पर सामने से आ रहे ट्रक को साइड देने के दौरान बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बस में चालक व स्टाफ सहित करीब चार यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बच गए।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना ने एक बार फिर अभ्यारण्य क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क के कई हिस्से बेहद संकरे हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर खतरनाक मोड़ भी हैं, जहां सामने से आने वाले भारी वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

न चेतावनी बोर्ड, न पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम
अभ्यारण्य क्षेत्र की सड़क पर संकरे हिस्सों और खतरनाक मोड़ों के बावजूद कई जगह स्पीड लिमिट, सावधानी और मोड़ संबंधी चेतावनी बोर्ड पर्याप्त संख्या में नजर नहीं आते। ऐसे में वाहन चालकों को कई बार अचानक सामने आने वाले भारी वाहनों और मोड़ों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मौके पर मौजूद लोगों ने भी सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग उठाई। सवाल यह है कि प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं? जब सड़क की भौगोलिक स्थिति पहले से ही दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील है, तो वहां आवश्यक चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
हादसे की सूचना पर तत्काल पहुंचीं विधायक उत्तरी जांगड़े
हादसे की सूचना मिलते ही सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े तत्काल मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार यात्रियों और बस स्टाफ से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा आवश्यक सहयोग किया। विधायक ने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
विधायक उत्तरी जांगड़े ने अभ्यारण्य क्षेत्र के खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों और वाहन चालकों से अपील की कि अभ्यारण्य क्षेत्र की संकरी सड़क पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और विशेष सावधानी बरतें।
बड़ा सवाल—चेतावनी बोर्ड कब लगेंगे?
यह हादसा भले ही बिना जनहानि के टल गया, लेकिन इसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या सड़क पर चेतावनी बोर्ड लगाने के लिए किसी की जान जाना जरूरी है?
संकरी सड़क, सामने से आते भारी वाहन और तेज रफ्तार—इन तीनों का मेल किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसलिए संबंधित विभाग को तत्काल सड़क का निरीक्षण कर खतरनाक मोड़ों और संकरे हिस्सों की पहचान, स्पीड लिमिट निर्धारित करने तथा पर्याप्त चेतावनी और सुरक्षा संकेतक लगाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।
चार यात्री इस हादसे में बाल-बाल बच गए, लेकिन अगली बार सुरक्षा केवल किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। समय रहते जरूरी इंतजाम किए गए तो संभावित बड़े हादसे को टाला जा सकता है।
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