सारंगढ़-बिलाईगढ़, 31 अगस्त 2026। राष्ट्रीय खेल दिवस और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील अंतर्गत ग्राम रानीडीह निवासी स्वप्निल प्रधान ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा से जिले का नाम रोशन किया। स्वप्निल प्रधान को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य खेल अलंकरण समारोह में शहीद कौशल यादव पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित किया गया।
राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशभर के उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह में वुशु खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वप्निल प्रधान को 1 लाख 50 हजार रुपये की नगद पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र, मोमेंटो, ब्लेजर एवं टाई प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वुशु में उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दिलाई पहचान
स्वप्निल प्रधान को यह प्रतिष्ठित सम्मान नॉन-ओलंपिक खेल वुशु में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। ग्रामीण अंचल से निकलकर मार्शल आर्ट जैसे कठिन खेल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले स्वप्निल की इस उपलब्धि से रानीडीह सहित पूरे सरिया क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने उनकी सफलता को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मिला सम्मान
राज्य खेल अलंकरण समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 666 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को पुरस्कार प्रदान किए, जबकि 540 अन्य खिलाड़ियों के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि अंतरित की गई।
गांव से राज्य स्तर तक पहुंचा स्वप्निल का सफर
ग्राम रानीडीह जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर स्वप्निल प्रधान ने वुशु में निरंतर मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर राज्य स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित होना उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वप्निल की सफलता ने यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी शहर की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत और लगन से गांव की मिट्टी से भी खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। उनकी उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं में नया उत्साह पैदा हुआ है और ग्रामीण अंचल की अन्य खेल प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है।
- रानीडीह के स्वप्निल ने रचा इतिहास, वुशु में मिला राज्य खेल अलंकरण… - August 31, 2026
- डीएमएफ पर महामंथन, खनिज प्रभावित क्षेत्रों में विकास को मिलेगी रफ्तार… - August 31, 2026
- दिशा बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, सांसदों ने दिए सख्त निर्देश… - August 31, 2026
