सारंगढ़-बिलाईगढ़, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रह गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना के अनुरूप राज्य सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें हुनरमंद, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
शिक्षा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार लाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन’ के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत एवं शैक्षणिक विकास के लिए विशेष राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजनाओं और बजट का वास्तविक लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचे।
राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और 3000 से अधिक विद्यार्थियों वाले महाविद्यालयों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसे 36 महाविद्यालय शोध, नवाचार और उच्चस्तरीय अध्यापन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरेंगे।
बदलते समय और रोजगार की मांग को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरीकल्चर, फिशरीज, टसर टेक्नोलॉजी के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम एवं हर्बल कल्टीवेशन और फ्लोरीकल्चर जैसे रोजगारपरक विषयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों और कौशल विकास विभागों के साथ समन्वय कर युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जा रही है।
दूरस्थ आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए नए महाविद्यालय खोलने की योजना पर भी काम हो रहा है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल से विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के नए अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए उद्योग एवं व्यावहारिक क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में महाविद्यालयों से जोड़ने की योजना है। साथ ही शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापक के 595 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का यह नया स्वरूप लाखों युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। अनुसंधान, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, उद्योगों से समन्वय और सुदृढ़ शिक्षक व्यवस्था के जरिए छत्तीसगढ़ तेजी से एक मजबूत एजुकेशन हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
लेखक : श्री विष्णु वर्मा, सहायक संचालक जनसंपर्क

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