सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनी निर्माण पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू द्वारा जारी तीन अलग-अलग आदेशों के तहत बिलाईगढ़, सरसींवा, कोदवा, सारंगढ़ और भोजपुर गांवों की चिन्हित भूमि के खसरा नंबरों के क्रय-विक्रय एवं नामांतरण पर आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन ने यह सख्त कदम उन भूमियों पर अवैध प्लॉटिंग की आशंका को देखते हुए उठाया है, जहां खसरा नंबरों को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर बिक्री किए जाने तथा अनधिकृत कॉलोनी विकसित किए जाने की संभावना जताई गई थी। इसका उद्देश्य भूमि के अनधिकृत विभाजन, अवैध बिक्री और भू-अभिलेखों में अनधिकृत नामांतरण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

बिलाईगढ़ में 16 खसरों पर रोक
तहसील बिलाईगढ़ अंतर्गत ग्राम बिलाईगढ़ के खसरा नंबर 1004/1, 994/2, 1002/1, 149/1, 1003, 1004/2, 992/1, 994/1, 994/3, 1001/1, 1000/1, 152/2, 152/3, 988/1, 921/3 एवं 773/2 सहित संबंधित मूल एवं बटांकित खसरों के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर रोक लगाई गई है।
वहीं तहसील सरसींवा के ग्राम सरसींवा और कोदवा में भी बड़ी संख्या में चिन्हित खसरा नंबरों को प्रतिबंधात्मक आदेश के दायरे में लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन भूमियों के छोटे-छोटे टुकड़ों में विक्रय कर अवैध कॉलोनी निर्माण की संभावना को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक समझी गई।
सारंगढ़ और भोजपुर में भी सख्ती
25 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार तहसील सारंगढ़ के ग्राम सारंगढ़ के खसरा नंबर 36/1, 41/2/ख/2, 273/1/ख/1, 134/1/1/1 एवं 131/7 तथा ग्राम भोजपुर के खसरा नंबर 118/1/क/1, 97/4, 94/10, 94/12, 94/16, 94/17, 94/18, 94/19 एवं 94/09 के क्रय-विक्रय एवं नामांतरण पर भी आगामी आदेश तक प्रतिबंध लगाया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा आदेशों की प्रतिलिपि जिला पंजीयक, संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदारों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है, ताकि प्रतिबंधित भूमि के पंजीयन और नामांतरण के दौरान आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी निर्माण के खिलाफ बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है। स्पष्ट है कि चिन्हित खसरों में किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय अथवा नामांतरण की प्रक्रिया आगामी आदेश तक नहीं की जा सकेगी। प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को आदेश का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
