उत्तर भारत की एक पारंपरिक मिठाई है, जिसे विशेष रूप से सावन, नागपंचमी, तीज, रक्षाबंधन और अन्य शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। बाहर से कुरकुरी, अंदर से मावे और मेवों की भरावन तथा चाशनी की मिठास से भरपूर चंद्रकला हर त्योहार की रौनक बढ़ा देती है।

आवश्यक सामग्री (10-12 चंद्रकला के लिए)
आटा तैयार करने के लिए
भरावन के लिए
चाशनी के लिए
तलने के लिए
बनाने की विधि
आटा तैयार करें
भरावन तैयार करें
चंद्रकला बनाएँ
चंद्रकला तलें
चाशनी तैयार करें
चाशनी में डुबोएँ
सजाने और परोसने का तरीका
स्वाद बढ़ाने के सुझाव
नागपंचमी का विशेष महत्व
सावन की नागपंचमी पर घर में बनी चंद्रकला को शुभ माना जाता है। इसे पूजा के बाद परिवार और अतिथियों को प्रसाद के रूप में परोसा जाता है। कुरकुरी परत, मावे की समृद्ध भरावन और हल्की मीठी चाशनी इसे इस पावन पर्व की एक विशेष पारंपरिक मिठाई बनाती है।
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