भटगांव। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में आदिवासी कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला कार्यकारिणी और सभी ब्लॉकों में पदाधिकारियों की नियुक्ति की घोषणा की है। नियुक्ति पत्र जिला अध्यक्ष सहदेव सिंह सिदार द्वारा जारी किया गया है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और आदिवासी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव की भावना के अनुरूप संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

7 ब्लॉकों में नए अध्यक्ष
जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी के तहत सारंगढ़ शहर में विजय सिदार, सारंगढ़ ग्रामीण में दिलेश्वर सिदार, बरमकेला में बाबूलाल सिदार, उल्खर-कोसीर में रवि सिदार, बिलाईगढ़ में किशोर कुमार सिंह, सरसीवां में विजय सिदार और सरिया में राजकुमार सिदार को ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
जिला कार्यकारिणी में भी मिली नई जिम्मेदारियां
जिला कार्यकारिणी में सहदेव सिंह सिदार को जिला अध्यक्ष और देव प्रसाद सिदार को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी डिगेश्वर सिदार, जवाहिर खेंवार, उमा दुश्यंत राय, लक्ष्मण भाई और रोहित सिदार को सौंपी गई है।
जिला महामंत्री के रूप में टीकम सिंह नेताम को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं हेम कुमार बरिहा, नंद किशोर सिदार और रंग बहलो सिदार को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है।
जिला सचिव पद पर जगबंधु सिदार, पवित्र बरिहा, रामलाल सिदार, सिवराज सिंह सिदार और नीलाम्बर सिदार को जिम्मेदारी मिली है। जिला सह सचिव के रूप में गोविंद सिदार, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, जवलल सिदार और मिलन सिदार नियुक्त किए गए हैं।
मीडिया और प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी तय
संगठन के मीडिया पक्ष को मजबूत करने के लिए सुरेश सिंह और मुरारी सिदार को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। वहीं नरेश बरिहा, विजय सिंह नेताम, गोपाल सिदार और रंजीत सिदार को प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विशेष आमंत्रित सदस्यों में पुष्पराज बरिहा, ईश्वर सिदार, रामनाथ सिदार, शिव सिंह कंवर, चंद्र कुमार नेताम, रामजी सरदार, द्रोपदी मरावी और कलावती सिदार को शामिल किया गया है।
जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी के अनुसार नई कार्यकारिणी के गठन से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाते हुए उनकी आवाज को संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से आगे पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। नई नियुक्तियों के बाद जिले में आदिवासी कांग्रेस के संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।




