सारंगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के निरंतर प्रयासों से जिला चिकित्सालय सारंगढ़ आमजनों को बेहतर, आधुनिक एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। अस्पताल में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए संस्थागत प्रसव के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है। डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को मिल रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में जनवरी 2026 से अब तक कुल 543 सफल एवं सुरक्षित प्रसव कराए जा चुके हैं। इनमें जून 2026 से शुरू की गई उन्नत सिजेरियन प्रसव सुविधा के अंतर्गत किए गए 41 जटिल सिजेरियन ऑपरेशन तथा 502 सामान्य प्रसव शामिल हैं। यह उपलब्धि जिला चिकित्सालय में उपलब्ध बेहतर चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं और पूरी स्वास्थ्य टीम के समर्पण को दर्शाती है।
पहले गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर उपचार के लिए बड़े शहरों अथवा अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को समय, आर्थिक खर्च तथा कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में सामान्य प्रसव के साथ-साथ सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होने से गंभीर एवं जटिल मामलों में भी स्थानीय स्तर पर उपचार मिल रहा है। अस्पताल में चौबीसों घंटे सुरक्षित प्रसव सुविधा उपलब्ध होने से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को भी बड़ी राहत मिली है।
इस उल्लेखनीय सफलता में अस्पताल के आर.एम.ओ. डॉ. नरेंद्र कुमार रात्रे के समन्वय के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर, एनेस्थेटिस्ट डॉ. कुन्ती नायक, जनरल सर्जन डॉ. राकेश साहू तथा स्टाफ नर्स राखी घोष, फरहा जांगड़े, उमा पटेल सहित जिला चिकित्सालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों की समर्पित भूमिका रही है। पूरी टीम के आपसी समन्वय और तत्परता से जटिल प्रसव के मामलों में भी समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय की इस उपलब्धि पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने पूरी मेडिकल टीम के समर्पण और कार्यकुशलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 543 सुरक्षित प्रसव का आंकड़ा अस्पताल की कार्यकुशलता और जनता के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है और जिला चिकित्सालय की टीम इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है।
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने जिलेवासियों से अपील की है कि गर्भवती माताओं की देखभाल एवं सुरक्षित प्रसव के लिए निजी अस्पतालों अथवा अप्रशिक्षित हाथों पर निर्भर रहने के बजाय जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में उपलब्ध निःशुल्क, आधुनिक एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सदैव तत्पर है। 543 सुरक्षित प्रसव की यह उपलब्धि सारंगढ़ जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार हो रहे सकारात्मक बदलाव और डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में पूरी टीम की प्रतिबद्धता को सामने लाती है।

- छत्तीसगढ़ डाक विभाग में 25 साल बाद होगा बड़ा बदलाव, बनेंगे 4 नए संभाग, 9 संभागों का होगा पुनर्गठन… - September 20, 2026
- छत्तीसगढ़ में टीचर ने किया साथी शिक्षक का मर्डर: 30 लाख की उधारी-ब्याज को लेकर विवाद में धारदार हथियार और हथौड़े से मार डाला… - September 20, 2026
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर में स्वाइन फ्लू के बाद स्क्रब टाइफस का कहर: एक युवक ने बिलासपुर में तोड़ा दम, 5 मरीज भर्ती… - September 20, 2026
