सारंगढ़। जिले के बरमकेला मुख्यालय स्थित जल संसाधन विभाग के एसडीओ कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि एसडीओ ईश्वर दत्त भगत की नियमित अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कार्यालय में अधिकारी की कुर्सी अक्सर खाली नजर आती है।
जानकारी के अनुसार, जब विभागीय योजनाओं और जल संसाधन से जुड़े कार्यों की जानकारी लेने पहुंचे लोगों ने कर्मचारियों से एसडीओ के बारे में पूछा, तो उन्हें कभी रायगढ़ तो कभी सारंगढ़ में होने की जानकारी दी गई। हर बार अधिकारी के कार्यालय से बाहर होने की बात सामने आने से लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर एसडीओ कार्यालय में नियमित रूप से क्यों उपलब्ध नहीं रहते।
जल संसाधन विभाग से सिंचाई, नहर, जलाशय और अन्य जल प्रबंधन से जुड़े मामलों के लिए किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में कार्यालय पहुंचते हैं। लेकिन अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी के नहीं मिलने से कई जरूरी कार्य लंबित हो रहे हैं और समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
बताया जा रहा है कि एसडीओ की गैरमौजूदगी में कार्यालय का कामकाज बाबू और चपरासी के भरोसे चलता नजर आता है। कार्यालय में तीन-चार कर्मचारी मौजूद रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी के उपलब्ध नहीं होने से लोगों को आवश्यक जानकारी और विभागीय निर्णय नहीं मिल पाते।
ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीओ की नियमित कार्यालयीन उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि किसानों और आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े। साथ ही लोगों का कहना है कि यदि अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय में उपलब्ध रहेंगे तो विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।





