नई दिल्ली। सावन का महीना शुरू होते ही मिठाइयों की दुकानों पर घेवर की मांग बढ़ जाती है। तीज और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों की शान माने जाने वाला राजस्थान का पारंपरिक घेवर अपने कुरकुरे स्वाद और रसीलेपन के लिए देशभर में पसंद किया जाता है। यदि आप भी बाजार जैसा स्वादिष्ट घेवर घर पर बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए बिल्कुल सही है।

घेवर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
2 कप मैदा
½ कप घी
4–5 बर्फ के टुकड़े
2 कप ठंडा पानी
1 कप ठंडा दूध
घी या तेल (तलने के लिए)
1 कप चीनी
½ कप पानी (चाशनी के लिए)
½ छोटी चम्मच इलायची पाउडर
कुछ केसर के धागे (वैकल्पिक)
कटे हुए बादाम, पिस्ता और चांदी का वर्क (सजावट के लिए)
घोल तैयार करने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में घी और बर्फ के टुकड़े डालकर अच्छी तरह फेंटें। जब घी क्रीम जैसा हल्का हो जाए, तब धीरे-धीरे मैदा मिलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके ठंडा पानी और दूध डालते हुए पतला घोल तैयार करें। ध्यान रखें कि घोल में कोई गांठ न रहे और उसकी कंसिस्टेंसी बहने योग्य हो।
घेवर तलने का तरीका
एक गहरे और मोटे तले वाले बर्तन में घी या तेल गर्म करें। जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब एक करछी घोल को ऊंचाई से धीरे-धीरे बीच में डालें। कुछ सेकंड बाद फिर से थोड़ा घोल डालें। इसी प्रक्रिया को 4–5 बार दोहराएं, जिससे घेवर में जालीदार परतें बन जाएं। बीच में लकड़ी की सींक या चम्मच की मदद से छेद बनाए रखें। सुनहरा होने पर सावधानी से निकाल लें।
ऐसे बनाएं एकदम सही चाशनी
एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें। एक तार की चाशनी तैयार होने पर उसमें इलायची पाउडर और केसर मिला दें। तैयार घेवर को हल्का ठंडा करके चाशनी में 20–30 सेकंड तक डुबोएं और निकालकर अतिरिक्त चाशनी टपकने दें।
सजावट और परोसने का तरीका
घेवर के ऊपर रबड़ी फैलाएं और कटे हुए बादाम, पिस्ता तथा चांदी के वर्क से सजाएं। चाहें तो बिना रबड़ी के भी इसे परोस सकते हैं। ठंडा होने के बाद इसका स्वाद और भी बेहतरीन लगता है।
घेवर बनाने के खास टिप्स
घोल हमेशा पतला और ठंडा रखें।
तेल या घी अच्छी तरह गर्म होना चाहिए।
घोल एक साथ न डालें, थोड़ा-थोड़ा करके डालने से जालीदार घेवर बनता है।
चाशनी एक तार की ही रखें, इससे घेवर कुरकुरा बना रहता है।




