सारंगढ़। कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों ने आम जनता के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या देश में लोकतंत्र सुरक्षित है या तानाशाही का माहौल बन चुका है।

राहुल गांधी जनता की आवाज़ हैं – भारद्वाज
बिनोद भारद्वाज ने कहा कि राहुल गांधी केवल कांग्रेस के नेता नहीं, बल्कि देश के युवाओं, किसानों, महिलाओं और बेरोजगारों की आवाज़ बनकर लगातार उनकी समस्याओं को संसद से लेकर सड़क तक उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, महंगाई, बेरोजगारी और संविधान से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी हमेशा मुखर रहे हैं और भारत जोड़ो यात्रा से लेकर संसद तक जनता की आवाज़ बुलंद करते आए हैं।
सरकार आलोचना से घबरा रही है
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध और जनआक्रोश से भयभीत है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। सरकार आलोचना का जवाब देने के बजाय पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई का सहारा ले रही है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील
उन्होंने कहा कि जब सरकारें सच का सामना नहीं कर पातीं, तब विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास करती हैं, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। राहुल गांधी की हिरासत के बाद देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थकों में आक्रोश है तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
बिनोद भारद्वाज ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी नागरिकों से जागरूक रहने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।




