रायगढ़, 15 जुलाई। रायगढ़ पुलिस ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत जोबी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रमाकांत मांझी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवती ने 13 जुलाई 2026 को पुलिस चौकी जोबी में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उससे पहले से परिचित था और लगातार मोबाइल पर प्रेम व विवाह का दबाव बना रहा था। परेशान होकर उसने आरोपी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया था।
शिकायत के मुताबिक 12 जुलाई की शाम गांव में आयोजित शादी समारोह के दौरान जब वह अपने रिश्तेदार को छोड़ने जा रही थी, तभी एक अज्ञात नंबर से फोन आने पर वह बात करने के लिए रुकी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उसे आंगनबाड़ी भवन के पीछे ले जाकर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को दुपट्टे से बांधकर जान से मारने की धमकी भी दी। शोर होने पर वह अपनी नेकर, पर्स, आधार कार्ड, चप्पल, बेल्ट तथा HF डिलक्स मोटरसाइकिल (CG 12 AL 1176) मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता बेहोश हो गई, जिसे परिजनों ने उपचार के लिए खरसिया अस्पताल पहुंचाया।
पीड़िता की शिकायत पर थाना खरसिया में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) एवं 351(3) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपी को गांव से भागने के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे एवं घटनास्थल से वारदात से जुड़े सामान और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में उप निरीक्षक अमरनाथ शुक्ला, एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर, आरक्षक सत्यनारायण सिदार, महिला प्रधान आरक्षक ममता मिंज एवं आरक्षक राजेंद्र राठिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिला संबंधी अपराधों में प्रत्येक शिकायत पर त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें शीघ्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।





