देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को देश के कई हिस्सों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान मध्य भारत, पूर्वी भारत, पश्चिमी तट और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश के चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कई स्थानों पर जलभराव, नदी-नालों के उफान और बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, गरियाबंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कोरिया सहित कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
IMD के मुताबिक महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र, गुजरात के दक्षिणी हिस्सों, मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों, ओडिशा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पर्यटकों को फिलहाल अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने या मोबाइल फोन का खुले मैदान में उपयोग करने से भी बचना चाहिए।
भारी बारिश की चेतावनी के बाद कई राज्यों के जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। नगर निगमों को जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ संभावित जिलों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने को कहा गया है। वहीं स्कूलों और कॉलेजों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की छूट दी गई है।
लगातार बारिश से खरीफ फसलों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। धान की खेती वाले राज्यों में किसान अच्छी बारिश से खुश हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश सामान्य बनी रहती है तो इस बार धान उत्पादन बेहतर हो सकता है।
हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश के चलते सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर पानी भरने की संभावना जताई गई है।
यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी लेना जरूरी बताया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा। मध्य भारत और पूर्वी भारत में अच्छी बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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