सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। कनकबीरा चौकी क्षेत्र के ग्राम झिल्गीटार में दबंगों द्वारा सरेराह एक सम्मानित जनप्रतिनिधि की गाड़ी रोककर उन पर जानलेवा हमला करने, गाली-गलौज करने और पत्थरों से हमला करने का एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि क्षेत्र के सक्रिय जिला पंचायत सदस्य (क्षेत्र क्रमांक 08) तथा सहकारिता एवं उद्योग विभाग के सभापति हरिहर जायसवाल हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

रात के अंधेरे में घेरा-
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, घटना 22 मई 2026 की रात करीब 11:00 बजे की है। जिला पंचायत सदस्य हरिहर जायसवाल जब मुख्य मार्ग पर स्थित अर्जुन जायसवाल के पोल्ट्री फार्म दुकान के पास से गुजर रहे थे, तभी पुरानी रंजिश और द्वेष की भावना से ग्रसित होकर आरोपी अर्जुन जायसवाल, सुखदेव जायसवाल और वासुदेव जायसवाल ने एक राय होकर उनकी गाड़ी के सामने एक बहुत बड़ा पत्थर रख दिया।
जैसे ही सभापति की गाड़ी रुकी, आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और उनके पद व गरिमा को ताक पर रखकर मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर उन पर हमला करने का प्रयास किया और जान से मारने की नीयत से गाड़ी के सामने ताबड़तोड़ भारी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। गनीमत रही कि जिला पंचायत सदस्य ने सूझबूझ दिखाई और अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
रसूखदारों के आगे नतमस्तक प्रशासन?
हैरानी की बात यह है कि घटना 22 मई की रात को घटित हुई, लेकिन पुलिस को मामला दर्ज करने में 8 दिन का लंबा वक्त लग गया। 30 मई 2026 को कनकबीरा चौकी (थाना सारंगढ़) ने शिकायतकर्ता हरिहर जायसवाल की लिखित शिकायत पर अपराध क्रमांक 0252/2026 दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपी अर्जुन जायसवाल, सुखदेव जायसवाल और वासुदेव जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296 (अश्लील कृत्य व गाली-गलौज), 351(3) (जान से मारने की धमकी), 127(1) (गलत तरीके से रास्ता रोकना), और 3(5) (संयुक्त रूप से अपराध को अंजाम देना) के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन क्षेत्र में चर्चा है कि एक जिला पंचायत सदस्य और सभापति स्तर के जनप्रतिनिधि के साथ हुई इस गुंडागर्दी पर पुलिस की सुस्त कार्रवाई कहीं न कहीं अपराधियों को शह देने जैसी है।
गिरफ्तारी की मांग तेज-
एक जिम्मेदार जिला पंचायत सदस्य और विभाग के सभापति पर इस तरह के कायराना और जानलेवा हमले ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब जिला पंचायत का सभापति ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इस मामले में पुलिस चौकी प्रभारी और जांच अधिकारी एएसआई (ASI) टीकाराम खटकर का कहना है कि अपराध दर्ज कर लिया गया है और मामले की सघन विवेचना की जा रही है। वहीं, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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