सारंगढ़-बिलाईगढ़।
जिला पुलिस ने सायबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने सायबर ठगों को ‘म्यूल अकाउंट’ (ठगी की रकम छुपाने और ट्रांसफर करने वाला खाता) उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी दिनेश बंजारे को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के बैंक खाते से महज एक साल के भीतर ₹2,71,75,719 (दो करोड़ इकहत्तर लाख पचहत्तर हजार सात सौ उन्नीस रुपये) का संदिग्ध लेन-देन हुआ है। इस खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 56 सायबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।

गृह मंत्रालय के सायबर पोर्टल से खुली पोल-
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय एवं एसडीओपी श्रीमती स्नेहिल साहू के कुशल मार्गदर्शन में सायबर सेल और कोतवाली पुलिस लगातार संदिग्ध खातों की निगरानी कर रही थी। गृह मंत्रालय के सायबर पुलिस पोर्टल और समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट्स के विश्लेषण के दौरान ग्राम ग्वालीनडीह निवासी दिनेश बंजारे का बैंक खाता भारी वित्तीय विसंगतियों के कारण रडार पर आया। जांच में अवैध ट्रांजैक्शन की पुष्टि होने पर थाना सारंगढ़ में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 323/2026, धारा 317(4), 317(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर उसे दबोच लिया गया।
कमीशन के लालच में देश को लगाया चूना-
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी दिनेश बंजारे ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि वह महज मोटी रकम और कमीशन के लालच में सायबर अपराधियों के हाथों की कठपुतली बन गया था। आरोपी ने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक और एक्टिवेटेड मोबाइल सिम कार्ड सायबर ठगों को सौंप दिए थे। ठग देश भर के मासूम लोगों से धोखाधड़ी कर इसी खाते में रकम मंगवाते थे और पलक झपकते ही उसे दूसरे खातों में लेयरिंग कर ट्रांसफर कर देते थे।
क्या होता है ‘म्यूल अकाउंट’ ?
सायबर अपराध की दुनिया में ‘म्यूल अकाउंट’ उन बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल अपराधी अपनी असली पहचान छुपाने और ठगी की ब्लैक मनी को डंप या ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। आम लोग या लालची प्रवृत्ति के लोग चंद रुपयों के कमीशन के चक्कर में अपने वैध दस्तावेज अपराधियों को सौंप देते हैं और अनजाने में इस बड़े नेक्सस का हिस्सा बन जाते हैं।
बुलेट मोटरसाइकिल और दस्तावेज जब्त, आरोपी जेल दाखिल
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी दिनेश बंजारे के कब्जे से भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, संदिग्ध एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड समेत ठगी के पैसों से ऐश-ओ-आराम के लिए खरीदी गई एक रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। आरोपी को 5 जुलाई 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस बड़े अंतरराज्यीय सायबर नेटवर्क को ध्वस्त करने में सारंगढ़ थाना प्रभारी प्रमोद यादव, सउनि नरेंद्र मनहर, प्र.आर. भँवर काटले, आरक्षक गणेश साहू, गौतम जांगड़े तथा सायबर सेल से रामकुमार मानिकपुरी, विजय यादव और दीपक मैत्री की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब इस खाते से जुड़े मुख्य सायबर ठगों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
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