सारंगढ़। जिले में नार्कोटिक्स और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, विशेष रूप से धारा 173(8) के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना था। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय ने एएनटीएफ (ANTF) टीम, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों को नशीले पदार्थों के पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए सख्त निर्देश दिए।
बैठक में लंबित मामलों में साक्ष्यों के प्रभावी संकलन, वैज्ञानिक जांच और न्यायालय में मजबूत पैरवी को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एएनटीएफ टीम के साथ समन्वय स्थापित कर मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए तथा एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक मामले में ठोस एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
समीक्षा के दौरान CCTNS और ICJS जैसी आधुनिक प्रणालियों का अधिकतम उपयोग कर अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड खंगालने, उनके आपराधिक नेटवर्क की पहचान करने और पूरे सिंडिकेट पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना पुलिस की प्राथमिकता है।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट तथा धारा 173(8) सीआरपीसी और धारा 193(3) बीएनएसएस के अंतर्गत लंबित सभी पुराने मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए निश्चित समय-सीमा तय की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी विवेचकों को निर्देश दिए कि पूरक जांच की केस डायरी बिना किसी विलंब के न्यायालय में प्रस्तुत करें तथा निर्धारित समय के भीतर सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी श्रीमती स्नेहिल साहू, डीएसपी मुख्यालय संतोषी ग्रेस, एएनटीएफ की टीम सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में नशे के कारोबार और उससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार और और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।





