जैजैपुर/सक्ती। जैजैपुर विद्युत सबस्टेशन के अंतर्गत आने वाले ओड़ेकेरा फीडर की लगातार खराब होती व्यवस्था से आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण पिछले चार-पांच दिनों से भारी परेशानी झेल रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ओड़ेकेरा, बहेराडीह, जुनवानी, गाड़ामोर, कुटराबोड़, छिर्राडीह सहित आसपास के गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले दो-तीन वर्षों से हर बारिश और गर्मी के मौसम में ओड़ेकेरा फीडर में बार-बार फॉल्ट आने, ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की समस्या बनी रहती है। हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर घंटों तक बिजली गुल हो जाती है, जबकि गर्मी में ओवरलोडिंग और लोड सेटिंग के नाम पर लंबी कटौती की जाती है। इससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि दिन-रात शिकायत दर्ज कराने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल सुधार का भरोसा देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार मेंटेनेंस के नाम पर हर साल दावा किया जाता है, लेकिन फीडर की स्थिति में कोई सुधार दिखाई नहीं देता।
ओड़ेकेरा फीडर सबसे ज्यादा प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि जैजैपुर सबस्टेशन के अन्य फीडरों में खराबी आने पर अपेक्षाकृत जल्द सुधार कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाती है, लेकिन ओड़ेकेरा फीडर में फॉल्ट आने पर घंटों, कई बार पूरे दिन और रात तक बिजली बंद रहती है। रात के समय लाइन खराब होने पर उपभोक्ताओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।
लगातार बिजली संकट के कारण बच्चों की पढ़ाई, किसानों के कृषि कार्य, पेयजल व्यवस्था और घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी और बरसात के मौसम में बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ओड़ेकेरा फीडर की तकनीकी खामियों का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल क्षेत्र के लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।



