सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नव नियुक्त कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जे.आर. डहरिया ने आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिन्द और मंधाईभांठा का अचानक (आकस्मिक) निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण के दौरान मंधाईभांठा स्कूल में भारी लापरवाही उजागर होने पर डीईओ ने संस्था प्रमुख (प्राचार्य) को कड़ा ‘शो-कॉज’ (कारण बताओ) नोटिस जारी कर दिया है।
जब डीईओ जे.आर. डहरिया शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मंधाईभांठा के निरीक्षण पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। नए सत्र की शुरुआत होने के बावजूद प्राचार्य द्वारा कक्षा नवमीं (9th) में एक भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया गया था। सरकारी निर्देशों और बच्चों के भविष्य के साथ किए जा रहे इस खिलवाड़ पर डीईओ ने गहरा खेद और नाराजगी प्रकट की। उन्होंने संस्था प्रमुख प्राचार्य की इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से ‘शो-कॉज नोटिस’ थमा दिया है। साथ ही सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया है कि तीन दिवस के भीतर नवमी कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया को हर हाल में पूर्ण किया जाए और बच्चों का नियमित अध्यापन कार्य कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा इससे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, डीईओ डहरिया ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिन्द का भी बारीकी से निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया कि संस्था में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों और शिक्षकों, दोनों की नियमित उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। प्राचार्य को कड़े निर्देश देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि समय-सीमा के भीतर बच्चों के पाठ्यक्रम (सिलेबस) के अनुसार ही अध्यापन कार्य कराया जाए। इसके साथ ही सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य रूप से ‘शिक्षक डायरी’ संधारित (मेंटेन) करना आवश्यक होगा, ताकि पढ़ाई के स्तर की ट्रैकिंग हो सके। कलेक्टर और डीईओ के इस औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई से जिले के शासकीय स्कूलों और लापरवाह शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ संकेत दे दिए हैं कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा के स्तर से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।



