सालेओना। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत खिलाईगढ़-अ में लगभग 28 वर्ष पहले निर्मित सरकारी स्टॉप डैम को डोलोमाइट माफिया द्वारा मिट्टी, मलबा और पत्थरों से पाटने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध उत्खनन से निकले मलबे को नाले में डालकर जल संरचना को खत्म किया जा रहा है, जिससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1997-98 में जल संरक्षण योजना के तहत बनाए गए इस स्टॉप डैम ने वर्षों तक आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया। लेकिन अब अवैध डोलोमाइट खनन से निकले मलबे को इसमें डंप किया जा रहा है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो आगामी बारिश में नाले का पानी सीधे खेतों में भर जाएगा और सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो सकती है।
मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। यह भी आरोप है कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अवैध खनन और मलबा डंपिंग का कार्य लगातार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को कई बार शिकायत देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल अवैध मलबा हटाने, स्टॉप डैम को सुरक्षित रखने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो जल संरक्षण की वर्षों पुरानी यह महत्वपूर्ण संरचना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और इसका सबसे बड़ा नुकसान क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ेगा।



