सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 जून 2026। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के नेतृत्व में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अप्रैल 2026 में राज्य के जिलों में निचले स्तर पर रहने वाला जिला मात्र दो माह के भीतर गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करते हुए राज्य स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाने में सफल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित निरीक्षण, गैप एनालिसिस, रिकॉर्ड संधारण, संक्रमण नियंत्रण, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, मरीज हितैषी सेवाओं तथा एनक्यूएएस मानकों के अनुरूप अधोसंरचना विकास पर विशेष फोकस किया गया। इसके साथ ही चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्सों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों का सतत प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन भी सुनिश्चित किया गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार देखने को मिला।
इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अप्रैल 2026 में जिले का एनक्यूएएस स्कोर 27 प्रतिशत था, जो जून 2026 में बढ़कर 37.65 प्रतिशत पहुंच गया। इस प्रकार जिले ने केवल दो माह में 10.65 प्रतिशत अंकों की वृद्धि के साथ लगभग 39.4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया, जो गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव तथा तीनों विकासखंडों के बीएमओ—बिलाईगढ़ के डॉ. शशि जायसवाल, सारंगढ़ के डॉ. आर.एन. सिदार एवं बरमकेला के डॉ. अवधेश पाणिग्राही के संयुक्त प्रयासों से प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई। नियमित समीक्षा बैठकें, फील्ड विजिट तथा सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार की संस्कृति विकसित की गई।
14 स्वास्थ्य संस्थानों ने हासिल की एनक्यूएएस पात्रता
जिले की इस सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि जिले के 14 स्वास्थ्य संस्थानों ने एनक्यूएएस के लिए पात्रता प्राप्त की है। विकासखंड सारंगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालपुर, कनकबीरा, गोड़म एवं भेड़वन तथा उप स्वास्थ्य केंद्र बेलाडुला, पचरी एवं सालर को एनक्यूएएस क्वालिफाइड घोषित किया गया है। वहीं विकासखंड बरमकेला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेंधरा तथा उप स्वास्थ्य केंद्र पिहरा, साल्हेओना, नंदीगांव, लुकापारा, सोनबाला एवं रिसोरा ने भी यह उपलब्धि अपने नाम की है।
स्वास्थ्य विभाग के इस बेहतर प्रदर्शन से स्पष्ट है कि जिले में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

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