छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में क्षेत्रीय वर्चस्व व रेत के अवैध खनन के विवाद में मंगलवार रात भाजपा नेता को कार में जलाकर मार डाला गया। आरोपितों ने रात 11 बजे पेट्रोल डालकर फॉर्च्यूनर कार को आग के हवाले कर दिया।

बुरी तरह झुलसे दो लोगों की बाद में मौत हो गई, जबकि दो अन्य को उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने सात लोगों पर हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चार मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्य आरोपित भी भाजपा से जुड़ा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता व सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत लाल सिंह उर्फ लल्ला सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का ठेका लिया था।
इसमें अवैध खनन को लेकर नागेंद्र सिंह का भाजपा नेता व मुख्य आरोपित मनोज त्रिपाठी के परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।
आरोपित मनोज त्रिपाठी के पक्ष ने सोनहत थाने में इसकी शिकायत भी की थी। रात में भाजपा नेता भरत लाल सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर आरोपितों के घर पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि आरोपित पहले से ही तैयार बैठे थे। इनके आते ही 20 से अधिक आरोपितों ने भरत लाल की फॉर्च्यूनर कार को टिपर वाहन से कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन के दरवाजे जाम हो गए और उसमें बैठे पांच लोग कार में ही फंसकर रह गए।
आरोपितों ने पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। यह देख दो अन्य वाहनों में गए लोग भाग निकले। घटनास्थल से बचकर भागे लोगों का कहना है कि जलती कार से किसी तरह बाहर निकले चार अन्य लोगों पर आरोपितों ने कुदाल, सब्बल से हमला किया।
दमकल की टीम ने आग बुझाने के बाद जब कार का दरवाजा खोला तो भरत सिंह का शव बुरी तरह जली हुई अवस्था में मिला। गंभीर रूप से झुलसे भरत सिंह के रिश्तेदार नागेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई। नागेंद्र 80 प्रतिशत जल चुके थे।
वारदात में झुलसे विरेन्द्र सिंह की उपचार के दौरान बुधवार को अंबिकापुर के अस्पताल में मौत हो गई। वारदात में घायल मयंक सिंह और योगेंद्र सिंह को रायपुर रेफर किया गया है। घटनास्थल पर पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट जांच में जुटे हैं।
पुलिस ने आरोपित अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, वारदात में शामिल तीन आरोपितों की तलाश जारी है। वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल है।
आईजी सहित पुलिस के अन्य अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों व संबंधित पक्षों से जानकारी जुटा रहे हैं। घटनास्थल में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। बुधवार को भरत सिंह व विरेन्द्र सिंह का अंबिकापुर में अंतिम संस्कार किया गया।
मृतक व आरोपित दोनों ही भाजपाई
मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला पहले कांग्रेस में थे। भूपेश बघेल सरकार के समय वह भाजपा में शामिल हो गए थे। वह रेत खनन व परिवहन का कार्य करते थे। मुख्य आरोपित मनोज त्रिपाठी भी भाजपा से जुड़ा है। वह भी रेत के कारोबार से जुड़ा है। दोनों संगठन में किसी पद पर नहीं थे। दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था।
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