सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 जून 2026। जिले की पारंपरिक हथकरघा कला को नई पहचान दिलाने और बुनकरों की आय बढ़ाने की दिशा में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्राम डुमरपाली एवं सरिया तहसील के ग्राम पंचधार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित अरुण कुमार मेहर के बुनकरी केंद्र का निरीक्षण कर उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता और विपणन व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान बुनकरों ने बताया कि उनके केंद्र में पारंपरिक उड़िया साड़ियों का निर्माण किया जाता है, जो अपनी उत्कृष्ट बुनाई, आकर्षक डिजाइन और सांस्कृतिक पहचान के कारण विशेष मांग रखती हैं। कलेक्टर ने उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि ओडिशा सीमा से लगे इस क्षेत्र में हथकरघा उद्योग रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण का मजबूत माध्यम बन सकता है।
उन्होंने कहा कि जिले की पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़कर बुनकरों की आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए ब्रांडिंग, प्रदर्शनियों और विभिन्न व्यापारिक मंचों के माध्यम से उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है। साथ ही उन्होंने बुनकरों को आधुनिक डिजाइन, नई तकनीक और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर ने अरुण कुमार मेहर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनका स्वरोजगार मॉडल पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने बरमकेला विकासखंड के वनांचल क्षेत्रों डोंगरीपाली, हटटापाली एवं झाल क्षेत्र के लोगों को भी इस कार्य से जोड़कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
अरुण कुमार मेहर ने बताया कि उनकी पहल से अब तक लगभग 5 हजार युवक-युवतियां और महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के सीईओ, एसडीएम, तहसीलदार सरिया, ग्राम पंचधार के सरपंच, पंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।


