सारंगढ़-बिलाईगढ़, 13 जून 2026। खरीफ सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश तथा उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में जिलेभर में उर्वरकों एवं बीजों की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है।
कृषि विभाग द्वारा खाद और बीज की गुणवत्ता की जांच के लिए रासायनिक खाद के 30 नमूने तथा बीज के 66 नमूने परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं। विभाग का उद्देश्य किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराना है ताकि फसल उत्पादन बेहतर हो सके।
विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान समय में 16,122.725 मैट्रिक टन रासायनिक खाद तथा 26,154.60 क्विंटल बीज उपलब्ध है। किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में भंडारण किया गया है। सहकारी एवं निजी विक्रय केंद्रों में अब तक 27,344 मैट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण किया गया, जिसमें से 15,682 मैट्रिक टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। इसी प्रकार 11,366.60 क्विंटल बीज का भी वितरण किया जा चुका है।
सहकारी क्षेत्र में किसानों के लिए 13,143 मैट्रिक टन यूरिया, 1,732 मैट्रिक टन डीएपी, 1,489 मैट्रिक टन एनपीके, 1,133 मैट्रिक टन एमओपी तथा 1,917 मैट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया गया है। शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2025 के विक्रय आंकड़ों के आधार पर यूरिया का 80 प्रतिशत तथा डीएपी का 60 प्रतिशत वितरण किया जा रहा है।
कृषि विभाग किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रहा है। विभाग ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, टीएसपी, एसएसपी और नैनो डीएपी, जबकि यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी है। इससे न केवल उर्वरकों का संतुलित उपयोग होगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद एवं बीज की किसी प्रकार की कमी नहीं है। किसानों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और अपनी आवश्यकता के अनुसार निकटतम सहकारी समिति या निजी विक्रय केंद्र से खाद एवं बीज प्राप्त करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसानों को समय पर उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


