सारंगढ़-बिलाईगढ़, 12 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति के निर्देश और कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिले में सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे बच्चों के स्थायी पुनर्वास के लिए विशेष अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 1 जून से 30 जून तक संचालित इस अभियान के तहत शुक्रवार को तोसीर, लेंधरा और बरमकेला क्षेत्र में संयुक्त बचाव दल (रेस्क्यू टीम) ने व्यापक कार्रवाई की।
अभियान के दौरान बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षावृत्ति में संलिप्त तथा सड़क पर रहने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें संरक्षण एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई। रेस्क्यू टीम ने बस स्टैंड, मंदिर, बाजार, स्लम बस्तियों और अन्य चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों का गहन सर्वेक्षण किया।
टीम द्वारा बच्चों और उनके परिजनों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित विभागों के समन्वय से जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक सहायता एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क जैसी परिस्थितियों में रह रहे प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, समुचित संरक्षण, शिक्षा और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करना है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी बच्चा शोषण, उपेक्षा या असुरक्षित जीवन जीने को मजबूर न हो तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर बेहतर जीवन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।


