बिलासपुर, 10 जून 2026। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज राम गोपाल गर्ग ने रेंज के सभी जिलों में पदस्थ नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली। रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे, जबकि रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
बैठक में आईजी श्री गर्ग एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह ने नव प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जनसेवा के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
आईजी ने स्पष्ट किया कि वर्दी पहनने के बाद एक पुलिस अधिकारी का आचरण पूरे विभाग की छवि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े अनुशासन, सदाचार और कानून के पालन का संदेश देते हुए यातायात नियमों का स्वयं पालन कर जनता के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने की बात कही।
तकनीकी दक्षता पर जोर देते हुए उन्होंने CCTNS में स्वयं प्रविष्टियां करने, विभागीय ऐप्स ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’, I/O मितान एवं ‘समाधान’ का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कंप्यूटर, सोशल मीडिया और साइबर अपराध संबंधी जानकारी में दक्षता विकसित करने पर बल दिया।
विवेचना कौशल को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षु उप निरीक्षक को कम से कम 5 समन और 5 वारंट तामील करने, पुरानी एफआईआर एवं चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों से सीखने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि मजबूत जांच और साक्ष्य संकलन ही सफल पुलिसिंग की आधारशिला है।
जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार को पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए आईजी ने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की बात धैर्यपूर्वक सुनी जाए और उसे न्याय मिलने का विश्वास दिलाया जाए। उन्होंने विभागीय आचरण नियमों का पालन करने तथा सभी अधिकारियों को अपनी दैनिक डायरी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश भी दिए, जिसकी कभी भी औचक जांच की जा सकती है।
बैठक के समापन पर आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने सभी नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली की जिम्मेदारी इसी नए बैच के कंधों पर होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का संदेश दिया।


