सारंगढ़। कहते हैं कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी मुश्किल इंसान का रास्ता नहीं रोक सकती। इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है सारंगढ़ जिले के मेधावी छात्र जीत अग्रवाल ने, जिन्होंने गंभीर बीमारी से जूझते हुए सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
जीत की यह उपलब्धि सिर्फ अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, आत्मविश्वास और अदम्य इच्छाशक्ति की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। परीक्षा से ठीक पहले वे गंभीर रूप से पीलिया (जॉन्डिस) की चपेट में आ गए थे। हालत इतनी बिगड़ गई कि पहले रायगढ़ और बाद में रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।
आईसीयू में भर्ती रहने के दौरान भी जीत ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। अस्पताल के बिस्तर पर, ड्रिप लगे हाथों से उन्होंने लगातार पढ़ाई जारी रखी। शारीरिक पीड़ा और कमजोरी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और परीक्षा का एक भी पेपर छोड़ने से इनकार कर दिया।
सबसे भावुक पल तब आया, जब अस्पताल से सीधे सारंगढ़ परीक्षा केंद्र पहुँचकर उन्होंने अपना अंतिम पेपर दिया। विपरीत परिस्थितियों में दिखाई गई उनकी यह दृढ़ता आज लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।
उनकी मेहनत, समर्पण और साहस का ही परिणाम है कि आज वे 98 प्रतिशत अंकों के साथ जिले के टॉपर बनकर उभरे हैं। जीत अग्रवाल की इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे सारंगढ़ जिले में खुशी और गर्व का माहौल है।
नगरवासियों और शिक्षाविदों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसी प्रतिभाशाली एवं संघर्षशील छात्र का विशेष सम्मान किया जाए। लोगों का कहना है कि जिला कलेक्टर द्वारा जीत अग्रवाल को सम्मानित किया जाना न केवल उनकी मेहनत का सम्मान होगा, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।

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