सारंगढ़ । जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सरकारी राशि के बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आता दिखाई दे रहा है। बोर खनन, सबमर्सिबल पंप और पाइप फिटिंग के नाम पर लगाए जा रहे संदिग्ध बिलों ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही फर्म के नाम से लगातार सामने आ रहे बिलों को लेकर अब पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल तेज हो गई है।

GST गायब, पेन से काटे गए कॉलम… आखिर क्या छिपाया जा रहा है?

मामले की जांच पड़ताल में “भारत बोरवेल्स इलेक्ट्रॉनिक्स” नामक फर्म के बिल सबसे ज्यादा संदेह के घेरे में हैं। इन बिलों में सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि अनिवार्य GST (CGST/SGST) का कहीं उल्लेख नहीं है। इतना ही नहीं, टैक्स संबंधी कॉलम को पेन से काट दिए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे पूरे भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
बिलों में न तो कार्यस्थल का स्पष्ट उल्लेख है और न ही कार्य पूर्ण होने की तारीख दर्ज है। ऐसे अधूरे दस्तावेजों के आधार पर लाखों रुपये के भुगतान की तैयारी आखिर कैसे हो रही है, यह बड़ा सवाल बन चुका है।
कागजों में बोर, जमीन पर कुछ नहीं?
नियमों के अनुसार बोर खनन और सबमर्सिबल कार्यों के बिल में मशीन की गहराई, पाइप की संख्या, मोटर क्षमता, सामग्री का विवरण और माप दर्ज होना जरूरी होता है। लेकिन आरोप है कि यहां केवल एकमुश्त राशि लिखकर बिल प्रस्तुत कर दिए गए हैं।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पंचायतों में फर्जी बिलिंग के जरिए शासकीय राशि के दुरुपयोग का संगठित खेल चल रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी बिना सत्यापन के इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं?
जांच हुई तो खुल सकते हैं कई बड़े राज
मामला अब सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि यदि इन बिलों की निष्पक्ष जांच कराई गई तो पंचायतों में चल रहे भ्रष्टाचार के कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिना जांच-पड़ताल के संदिग्ध बिलों का भुगतान करने वाले सरपंच और सचिव भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
भुगतान से पहले जरूरी जांच के बिंदु
फर्म का GST नंबर वैध और सक्रिय है या नहीं
बिल में कार्यस्थल, सामग्री और दिनांक का स्पष्ट उल्लेख है या नहीं
मौके पर कार्य वास्तव में हुआ है या सिर्फ कागजों में दिखाया गया है
सामग्री और भुगतान राशि का भौतिक सत्यापन किया गया या नहीं
अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
सारंगढ़ जनपद में कथित “बिल कांड” अब बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आम लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि प्रशासन इन कागजी खेल करने वालों पर कार्रवाई करेगा या फिर सरकारी राशि के दुरुपयोग का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।
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