सारंगढ़। ग्राम रेड़ा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रुक्मणी विवाह प्रसंग बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के दिव्य विवाह उत्सव को देखने भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जहां पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर नजर आया।
कथावाचक आचार्य तोमेश्वर जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी, भावपूर्ण प्रस्तुति और संगीतमय भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही रुक्मणी विवाह प्रसंग प्रारंभ हुआ, पूरा वातावरण “जय श्रीकृष्ण” और “राधे-राधे” के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते, नाचते और भगवान की भक्ति में लीन नजर आए।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की भव्य बारात भी निकाली गई, जिसने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और भक्ति संगीत के बीच निकली इस बारात में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालु पूरे मार्ग में भक्ति गीतों पर थिरकते रहे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
मुख्य यजमान सरोज देवांगन एवं पुष्पा देवांगन द्वारा ग्राम रेड़ा में इस भव्य बारात एवं धार्मिक आयोजन का विशेष रूप से आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला और सभी ने भगवान श्रीकृष्ण एवं माता रुक्मणी का आशीर्वाद प्राप्त कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर तुलसीदास अग्रवाल द्वारा सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। ग्राम रेड़ा में आयोजित यह धार्मिक आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत उदाहरण बन गया।

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