सारंगढ़-बिलाइगढ़ | जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने एक सराहनीय और प्रभावशाली पहल की है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में क्षेत्र की 38 गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
यह शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

कुशल नेतृत्व में दिखी बेहतरीन स्वास्थ्य व्यवस्था

इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक जायसवाल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया। उनके निर्देशन में अस्पताल की अनुभवी और प्रशिक्षित टीम ने पूरे शिविर को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया।
शिविर के दौरान प्रत्येक गर्भवती महिला की व्यक्तिगत जांच (Individual Screening) की गई, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति का सटीक आकलन किया जा सके।
महिलाओं के लिए हीमोग्लोबिन स्तर, ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, एवं अन्य आवश्यक पैथोलॉजी जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
अनुभवी चिकित्सकों और स्टाफ की सक्रिय भागीदारी
शिविर को सफल बनाने में अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान निम्नलिखित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की:
डॉ. दीपक जायसवाल – सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक (नेतृत्व एवं समन्वय)
डॉ. रामजी शर्मा – विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा
डॉ. दिव्या जोशी – महिला स्वास्थ्य परामर्श
डॉ. रानू मनहर – गर्भावस्था जांच एवं देखरेख
उमा पटेल – नर्सिंग सहयोग
अश्विनी जायसवाल – काउंसलिंग एवं जागरूकता
उमाशंकर कुर्रे (MLT) – पैथोलॉजी जांच
ममता जायसवाल – सहायक स्टाफ
इन सभी के समन्वित प्रयासों से शिविर को व्यवस्थित, प्रभावी और लाभकारी बनाया गया।
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मामलों पर विशेष सतर्कता
शिविर के दौरान विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं (High Risk Pregnancy – HRP) की पहचान की गई। ऐसे मामलों में चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरतते हुए निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल का पालन किया।
इन महिलाओं को आगे की नियमित जांच, संतुलित आहार, दवाओं के सेवन और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए, ताकि जटिलताओं को समय रहते रोका जा सके।
काउंसलिंग के माध्यम से बढ़ाई गई जागरूकता
काउंसलर अश्विनी जायसवाल द्वारा गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं।
उन्होंने महिलाओं को बताया कि गर्भावस्था के दौरान:
नियमित स्वास्थ्य जांच कराना क्यों जरूरी है
संतुलित पोषण और आयरन-फोलिक एसिड का महत्व
समय पर टीकाकरण और चिकित्सकीय सलाह का पालन
शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कैसे लें
इस काउंसलिंग सत्र से महिलाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि देखी गई।
हर माह दो बार मिलेगा विशेष लाभ
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय में हर महीने की 9 एवं 24 तारीख को ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ के अंतर्गत विशेष शिविर आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर जांच, उचित उपचार और सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
सुरक्षित मातृत्व की ओर मजबूत कदम
यह स्वास्थ्य शिविर जिले में मातृ स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और प्रशासन की सक्रियता का प्रतीक है। इस प्रकार के आयोजन न केवल महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ भविष्य की नींव भी मजबूत करते हैं।
खास बात (Highlight Box)
38 गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
सभी जरूरी जांचें एक ही स्थान पर उपलब्ध
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की विशेष पहचान और निगरानी
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा परामर्श
हर महीने 9 और 24 को नियमित आयोजन




- “सुरक्षित मातृत्व की मजबूत पहल” : सारंगढ़ जिला अस्पताल में मेगा हेल्थ कैंप, 38 गर्भवती महिलाओं को मिला विशेषज्ञ इलाज… - April 24, 2026
- सारंगढ़:पुण्य स्मृति में सेवा का अनुपम उदाहरण: आयुर्वेदिक केंद्र को मिला वाटर फ्रीजर-RO, ग्रामीणों को शुद्ध जल की सौगात… - April 24, 2026
- सारंगढ़:वर्षों से फरार आरोपी आखिरकार गिरफ्त में: पुलिस की सटीक घेराबंदी ने दिलाई बड़ी सफलता… - April 24, 2026
